राम नाम महाशक्ति मंत्र है, तुलसीदास जी ने स्पष्ट कहा, “राम नाम मनि दीप धरु, जीह देहरी द्वार”, अर्थात राम नाम वह दीपक है जो जीवन के अंधकार को स्वयं प्रकाशित कर देता है। ज्योतिष शास्त्र का भी उद्देश्य एक दीपक जैसा है जो जीवन के कठिन समय यानि अंधकार में व्यक्ति को सफलता का मार्गदर्शन दिखाता है। अगर देखा जाए तो राम नाम का लेखन ग्रहों के अशुभ प्रभावों को शांत करता है, क्योंकि राम नाम मन को स्थिर कर देता है और स्थिर मन पर कोई ग्रह भारी नहीं पड़ता।
राम नाम बैंक में राम नाम का खाता
राम नाम की शक्ति त्रिवेणी का आशीर्वाद बनकर जीवन में उतरती है, और वहीं से दुर्भाग्य की धारा मुड़कर सौभाग्य की ओर बहने लगती है। इसलिए प्रतिवर्ष माघ मेले में लाखों-करोड़ों श्रद्धालु संगम तट पर स्थित प्रयागराज के राम नाम बैंक में राम नाम का खाता खुलवाकर एक माह निरन्तर गंगा स्नान के पश्चात् राम नाम लिखते हैं। जो व्यक्ति नियमित रूप से राम नाम का जप करता है, उसके जीवन में सही समय पर सही व्यक्ति, सही अवसर और सही निर्णय अपने आप आने लगते हैं। जब कर्म सुधरते हैं, तो भाग्य को सुधरने के लिए अलग से प्रयत्न नहीं करना पड़ता।














