सट्टेबाजी पर बढ़ा टैक्स
केंद्रीय बजट में कोयला, शराब और शेयर बाजार में सट्टेबाजी पर टैक्स बढ़ाया गया है, जिससे इन चीजों की लागत पहले के मुकाबले बढ़ जाएगी। बजट 2026 में कैंसर की 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटाई गई है। साथ ही 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं और विशेष भोजन को आयात शुल्क में छूट दी गई है।
इन चीजों का निर्यात हुआ सस्ता
वहीं, व्यक्तिगत आयात पर टैरिफ को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है और विदेशा यात्रा टूर पैकेज पर टीसीएस को 5 प्रतिशत/20 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया गया है। इसके अलावा, माइक्रोवेव ओवन, जूते, विदेश में पढ़ाई करना, सोलर एनर्जी से जुड़े चीजें, बैटरी, बायोफ्यूल मिली सीएनजी, हवाई जहाज के कलपुर्जे, चमड़े का निर्यात और बीड़ी आदि भी सस्ते हो जाएंगे।
ट्रेडिंग को कम करने के लिए सरकार ने उठाया कदम
दूसरी तरफ, आयात शुल्क में इजाफा होने से कबाड़ और खनिज आदि महंगे हो जाएंगे। बजट 2026 में सरकार ने शराब (मानव उपभोग के लिए) पर टीसीएस की दर एक प्रतिशत से बढ़ाकर 2 प्रतिशत कर दी है। इसके अलावा, डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग कम करने के लिए सरकार ने बजट 2026 में फ्यूचर्स पर एसटीटी को मौजूदा 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया है।
सरकार ने रखा ये प्रस्ताव
ऑप्शंस पर अब एसटीटी बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा, सरकार ने बायबैक में शेयर सरेंडर करने पर सभी प्रकार के शेयरधारकों को होने वाले फायदे को कैपिटन गेन में लाने का प्रस्ताव रखा है। इससे अब बायबैक से होने वाली आय पर अधिक टैक्स लगेगा।













