दूसरे चरण में सात हाई स्पीड कॉरिडोर, तीसरे चरण की भी होगी घोषणा
रेल मंत्री वैष्णव ने बताया कि इस बार बजट में रेलवे को रिकॉर्ड दो लाख 78 हजार करोड़ रुपए का बजट मिला है। इसमें बुलेट ट्रेन चलाने के लिए सात नए हाई स्पीड कॉरिडोर की घोषणा की गई है। इन सात नए कॉरिडोर में करीब चार हजार किलोमीटर तक की दूरी वाले दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर होंगे। उन्होंने बताया कि बुलेट ट्रेन के पहले चरण में मुंबई-अहमदाबाद और दूसरे में यह सात कॉरिडोर के साथ अभी तक कुल करीब 4500 किलोमीटर दूरी के लिए यह आठ प्रोजेक्ट दिए गए हैं। तीसरे चरण में तीन हजार किलोमीटर दूरी के लिए बुलेट ट्रेन चलाने के लिए कॉरिडोर का ऐलान किया जाएगा। इससे सफर के समय में बहुत बचत होगी।
मुंबई में लोकल का लोड कम करने के लिए मेट्रो की तरह नई 238 ट्रेन
रेल मंत्री ने कहा कि मुंबई लोकल में जबरदस्त भीड़ को देखते हुए यहां 238 नई ट्रेनों को ट्रैक पर उतारने की योजना पर काम किया जा रहा है। यह ट्रेन मेट्रो की तरफ ऑटोमेटिक गेट बंद होने वाली होंगी। लेकिन इनमें मेट्रो से भी अधिक ऑक्सिजन देने वाला सिस्टम और सुविधाएं होंगी। क्योंकि, मुंबई लोकल में दिल्ली मेट्रो से भी कहीं अधिक भीड़ होती है। ऐसे में इन एसी ऑटोमेटिक गेट वाली लोकल ट्रेनों में भीड़ के हिसाब से ऑक्सिजन का संचार किया जाएगा। ताकि यात्रा के दौरान किसी को स्वास्थ्य संबंधित कोई परेशानी ना होने पाए। मौजूदा समय में मुंबई लोकल दिनभर में 3400 ट्रिप लगाती हैं। जो की इन नई 238 ट्रेनों के जुड़ने के बाद और बढ़ जाएंगे।
दिल्ली को भी मिली बुलेट ट्रेन की सौगात
इस बजट में दिल्ली को 2711 करोड़ रुपए मिले हैं। यहां पहली बुलेट ट्रेन के रूप में दिल्ली से बनारस हाई स्पीड कॉरिडोर बनाया जाएगा। यमुना ब्रिज पर बने नए रेल ब्रिज के बारे में उन्होंने बताया कि जल्द ही इससे ट्रेन सेवाएं शुरू की जाएंगी। देश की पहली हाईड्रोजन ट्रेन के बारे में भी रेल मंत्री ने कहा कि जल्द ही इसकी कंप्लीट टेस्टिंग पूरी होने वाली है। इसके बाद इसे यात्री सेवा मे ंउतार दिया जाएगा। दिल्ली में ट्रेनों के जबरदस्त लोड और यहां सुविधाएं बढ़ाने के बारे में कहा कि यहां वर्ल्ड क्लास स्टेशन बनाए जाएंगे। बड़ा चैलेंज ट्रेन चलते हुए काम करना है। क्योंकि, ट्रेन सेवाओं को रोका नहीं जा सकता। आने वाले समय में दिल्ली में और ट्रेन सेवाएं बढ़ेंगी और स्टेशन भी और अधिक शानदार होंगे।
उत्तर प्रदेश को मिला कांग्रेस के शासन काल से 18 गुना अधिक बजट
आम बजट में उत्तर प्रदेश को 20,012 रिकॉर्ड पैसा मिला है। जिसे कांग्रेस शासन काल से 18 गुना अधिक बताया गया है। रेल मंत्री ने बताया कि यूपी में 92 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। यूपी को दिल्ली-बनारस और बनानस-सिलिगुड़ी के रूप में बुलेट ट्रेन की दो सर्विस मिली हैं। यहां 157 रेलवे स्टेशनों का नवनिर्माण किया जा रहा है। इन सभी से आने वाले पांच सालों में उत्तर-प्रदेश में रेलवे कनेक्टिविटी में जबरदस्त इजाफा होगा। लोगों को नई ट्रेनें मिलेंगी। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के बारे में भी उन्होंने कहा कि जल्द ही इसके लिए डीपीआर बनाने पर काम किया जाएगा। इसके बाद जितना जल्दी हो सकेगा। इस पर काम करना शुरू किया जाएगा। ताकि जल्द से जल्द लोगों को बुलेट ट्रेन सेवा मिल सके। इसके अलावा उन्होंने हरिद्वार, हरियाणा और अन्य राज्यों के बारे में भी रेल कनेक्टिविटी बढ़ने के बारे में बताया।














