सर्गियो गोर ने क्वॉड के भविष्य को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि यह संगठन कहीं नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कार्यभार संभालने के तुरंत बाद क्वॉड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक की थी। गोर ने कहा कि हमारी बहुत सारी योजना है जिसका मैं अभी ऐलान नहीं करूंगा। बता दें कि क्वॉड को चीन की हिंद प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती दादागिरी को रोकने के लिए बनाया गया था। क्वॉड में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया सदस्य देश हैं।
क्वॉड बैठक में शामिल होने के लिए ट्रंप को आना था भारत
बता दें कि साल 2025 में क्वॉड देशों के शीर्ष नेताओं की भारत में बैठक होनी थी लेकिन यह नहीं हो पाई। डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान में दावा किया था कि पीएम मोदी ‘चाहते हैं’ कि वह क्वॉड में हिस्सा लेने के लिए भारत की यात्रा करें। अब ट्रेड डील हो जाने के बाद सर्गियो गोर के बयान से उम्मीद है कि जल्द ही क्वॉड की शिखर बैठक भारत में हो सकती है। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर अभी अमेरिका में हैं और माना जा रहा है कि क्वॉड को लेकर उनकी अमेरिकी नेताओं से बात होगी। चीन जिस तरह से हिंद प्रशांत के देशों को डराने में जुटा है, क्वॉड को मजबूत करने की मांग तेज हो रही है।
वहीं डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद अमेरिका ने चीन से करीबी बढ़ा दी और अपने पैर सिकोड़ने शुरू कर दिए जिससे क्वॉड के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगा था। क्वॉड देश आर्थिक गतिविधियों, आधारभूत ढांचा प्रोजेक्ट और सैन्य गतिविधियों को बढ़ावा देत हैं जिसमें मालाबार नौसेनिक अभ्यास शामिल है। वहीं ट्रंप ने तो क्वॉड की जगह पर चीन के साथ G-2 शिखर बैठक करने पर जो दिया था। इससे भी अमेरिका के रुख पर शंका के बादल मंडराने लगे थे। हाल ही में अमेरिका ने अपने राष्ट्रीय रक्षा रणनीति (NDS) को जारी किया था।
अमेरिका ने चीन पर बदली अपनी राष्ट्रीय रक्षा रणनीति?
राष्ट्रीय रक्षा रणनीति में अमेरिका ने साफ संकेत दिया था कि वह अपनी सुरक्षा और पश्चिमी गोलार्द्ध पर ज्यादा फोकस करेगा। इसमें कहा गया कि चीन अभी भी उसका मुख्य चिंता का विषय है लेकिन चीन को लेकर कोई साफ बयान नहीं दिया गया। इसकी बजाय इसमें तनाव कम करने पर जोर दिया गया। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका हिंद प्रशांत क्षेत्र में अपने पार्टनर के साथ मिलकर काम करेगा लेकिन खुद सुरक्षा का जिम्मा नहीं उठाएगा। इस नीति से जापान से लेकर ताइवान तक अमेरिका को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगे टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के इस कदम का स्वागत किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि आज अपने प्रिय मित्र राष्ट्रपति ट्रम्प से बात करके बहुत अच्छा लगा। यह जानकर बेहद खुशी हुई कि अब ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत हो जाएगा। इस शानदार घोषणा के लिए भारत की 140 करोड़ की आबादी की ओर से राष्ट्रपति ट्रम्प को हार्दिक धन्यवाद। उन्होंने कहा कि जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को लाभ होता है और पारस्परिक लाभकारी सहयोग के अपार अवसर खुलते हैं।













