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  • राजपाल यादव को जाना होगा जेल! दिल्‍ली HC ने चेक बाउंस केस में सरेंडर की तारीख बढ़ाने से क‍िया इनकार

    एक्टर राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को तगड़ा झटका दे दिया। हाई कोर्ट ने एक्टर की सरेंडर के लिए और वक्त की मांग को मानने से इनकार कर दिया। राजपाल यादव के सरेंडर की डेडलाइन बुधवार, 4 फरवरी तक की थी, लेकिन हाई कोर्ट ने इसे आगे बढ़ाने


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    By Azad Hind Desk फरवरी 4, 2026
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    एक्टर राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को तगड़ा झटका दे दिया। हाई कोर्ट ने एक्टर की सरेंडर के लिए और वक्त की मांग को मानने से इनकार कर दिया। राजपाल यादव के सरेंडर की डेडलाइन बुधवार, 4 फरवरी तक की थी, लेकिन हाई कोर्ट ने इसे आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। राजपाल यादव को आज ही सरेंडर करना था और अब उन्हें जेल जाना होगा। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने राजपाल यादव की अर्जी यह कहते हुए खारिज कर दी कि एक्टर को बुधवार शाम 4 बजे तक सरेंडर करना होगा।

    ‘लाइव लॉ’ के मुताबिक, जस्टिस स्वर्ण कांता ने कहा, ‘मैंने उसी दिन आपकी इन दलीलों को खारिज कर दिया था और आपको सरेंडर के लिए दो और दिन का समय दिया था। मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई आधार है। आपको एक निश्चित दिन सरेंडर करना था, लेकिन आपको दो दिन का समय इसलिए दिया गया क्योंकि आपने कहा था कि आप मुंबई में हैं। आज आपको शाम 4 बजे सरेंडर करना होगा।’

    जस्टिस ने मोहलत देने से किया इनकार- कोई ठोस आधार नहीं

    मालूम हो कि राजपाल यादव के वकील ने हाई कोर्ट से कहा था कि एक्टर ने 50 लाख रुपये का इंतजाम कर लिया है और पेमेंट के लिए एक हफ्ते की मोहलत मांगी थी। लेकिन जस्टिस ने मोहलत देने से इनकार कर दिया और कहा था कि इसका कोई ठोस आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि राजपाल यादव को पहले ही ही दो दिन की मोहलत दी जा चुकी है।

    राजपाल यादव की निंदा, बार-बार कोर्ट का भरोसा तोड़ा

    दरअसल, हाई कोर्ट ने 2 फरवरी को राजपाल यादव को आदेश दिया था कि वह 4 फरवरी को सरेंडर कर दें। कोर्ट राजपाल यादव की इस बात के लिए भी निंदा की थी कि उन्होंने बार-बार कोर्ट का भरोसा तोड़ा और हर बार आश्वासन देने के बावजूद पैसों का भुगतान नहीं किया। कोर्ट ने अब केस की अगली सुनवाई की तारीख 5 फरवरी रखी है। साथ ही निर्देश दिया है कि जो राशि पहले जमा की जा चुकी थी, वह शिकायत करने वाली कंपनी को जारी कर दी जाए।

    राजपाल यादव से जुड़ा चेक बाउंस मामला क्या है?

    यह साल 2010 की बात है। तब राजपाल यादव ने बतौर डायरेक्टर फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाई थी। इसके लिए उन्होंने मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी से 5 करोड़ रुपये कर्ज लिया था। फिल्म तो बन गई और रिलीज भी हो गई पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई। इससे राजपाल यादव को तगड़ा आर्थिक नुकसान हुआ। ऊपर से कंपनी से जो 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था, वह भी डूब गया। वह उस रकम को कंपनी को वापस लौटा नहीं पाए। कंपनी ने फिर राजपाल यादव के खिलाफ केस कर दिया और आरोप लगाया कि एक्टर ने भुगतान के लिए जो भी चेक दिए, वो बाउंस हो गए।

    6 महीने की सुनाई गई थी सजा, समझौते के चक्कर में की गई थी कैंसिल

    इस कारण राजपाल यादव के खिलाफ Section 138 के तहत केस दर्ज किया गया। इस मामले में पहले राजपाल यादव को 6 महीने की सजा सुनाई गई थी, लेकिन हाई कोर्ट ने बाद में सजा को कैंसिल कर दिया था ताकि शिकायतकर्ता कंपनी और राजपाल यादव आपस में समझौता कर सकें। लेकिन समय सीमा बढ़ती गई और राजपाल यादव समझौता नहीं कर पाए। वो कंपनी से ली रकम लौटा नहीं सके। ऐसे में हाई कोर्ट ने कहा कि बार-बार आश्वासन देना और फिर भरोसा तोड़ना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। अब उन्हें और मोहलत नहीं दी जाएगी।

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