पाकिस्तान की मीडिया ने बताया है कि असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को बलूचिस्तान में बीएलए के हमलों में घायल लोगों से क्वेटा के अस्पताल में मुलाकात की है। पाकिस्तानी सेना ने इस दौरान मुनीर को बताया कि भारत की मदद से बीएलए ने ये हमले किए हैं। घायलों से मिलने के बाद असीम मुनीर ने कहा कि हमलों को अंजाम देने वाले आतंकियों और उनके मददगारों को बख्शा नहीं जाएगा। इन हमलों के लिए जिम्मेदार एक-एक शख्स को सजा मिलेगी।’
भारत से समर्थन का लगाया आरोप
पाकिस्तान आर्मी के बयान में कहा गया है, ‘असीम मुनीर को बलूचिस्तान के हालात पर ब्रीफिंग में बताया गया कि भारत समर्थित आतंकियों ने इन हमलों को अंजाम दिया है। इन हमलों के जरिए बलूचिस्तान में शांति, स्थिरता और विकास को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई, जिसे सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया।’
बयान के मुताबिक, फील्ड मार्शल मुनीर के क्वेटा दौरे के दौरान बलूचिस्तान में सत्ता को और मजबूत करने और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर भी चर्चा हुई। मुनीर ने इस दौरान कहा कि किसी भी बहाने से हिंसा और आतंकवाद को सही नहीं ठहराया सकता। ऐसे लोगों से सख्ती से निपटा जाएगा।
बीएलए का ऑपरेशन
बलूचिस्तान को अलग देश बनाने की मांग करने वाले विद्रोही गुट बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने बीते पांच दिनों से लगातार पाकिस्तानी आर्मी के ठिकानों को निशाना बनाया है। शनिवार से बलूचिस्तान के अलग-अलग हिस्सों से धमाकों, मिलिट्री ठिकानों पर हमलों और विद्रोहियों की सुरक्षाबलों से झड़प की खबरें आ रही हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के शीर्ष कमांडरों ने खुद मैदान में उतरे हुए हैं।
पाकिस्तान की आर्मी और सरकार को बलूचिस्तान प्रांत में हो रही हिंसा ने डरा दिया है। बलूचिस्तान में इस हिंसा से दोनों ओर से 300 से 400 मौतें होने का दावा किया जा रहा है। पाकिस्तान की की चिंता इसलिए भी है क्योंकि बीएलए ने बलूचिस्तान में हमलों की नई लहर के बाद कई सरकारी दफ्तरों पर भी अपना कब्जा जमाया है।













