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  • कौन हैं आरोन जॉर्ज? अंडर-19 विश्व कप में बनें चट्टान, भारत को फाइनल में पहुंचा दिया

    नई दिल्ली: भारत अंडर-19 विश्व कप 2026 के फाइनल में पहुंच गया है। टीम ने सेमीफाइनल मुकाबले में अफगानिस्तान के खिलाफ जीत हासिल की। हरारे स्पोर्ट्स क्लब पर खेले गए मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने दमदार प्रदर्शन किया। वैभव सूर्यवंशी ने 33 गेंद पर 68 तो कप्तान आयुष म्हात्रे ने 59 गेंद पर 62 रन


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    By Azad Hind Desk फरवरी 5, 2026
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    नई दिल्ली: भारत अंडर-19 विश्व कप 2026 के फाइनल में पहुंच गया है। टीम ने सेमीफाइनल मुकाबले में अफगानिस्तान के खिलाफ जीत हासिल की। हरारे स्पोर्ट्स क्लब पर खेले गए मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने दमदार प्रदर्शन किया। वैभव सूर्यवंशी ने 33 गेंद पर 68 तो कप्तान आयुष म्हात्रे ने 59 गेंद पर 62 रन ठोके। लेकिन टीम की जीत के असली हीरो आरोन जॉर्ज रहे। सलामी बल्लेबाज करने उतरे जॉर्ज ने 104 गेंदों पर 115 रनों की पारी खेली। उन्होंने 15 चौके और 2 छक्के मारे।

    कौन हैं आरोन जॉर्ज?

    इस अंडर-19 विश्व कप में खेल रहे कई भारतीय खिलाड़ी काफी फेमस हो चुके हैं। लेकिन 19 साल के आरोन जॉर्ज के साथ ऐसा नहीं है। उनका जन्म केरल में हुआ था। हालांकि वह हैदराबाद में पले-बढ़े और वहीं के लिए घरेलू क्रिकेट भी खेलते हैं। 2022-23 के विजय मर्चेंट ट्रॉफी में उन्होंने अपनी टीम की कप्तानी भी की थी। बिहार के खिलाफ उनके बल्ले से 303 रन निकले थे। वीनू मांकड ट्रॉफी के पिछले दो सीजन में जॉर्ज ने 341 और 373 रन बनाए हैं।

    इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार चौथे बर्थडे पर आरोन जॉर्ज को किसी ने प्लास्टिक का बैट गिफ्ट किया। उन्होंने अपने नए खिलौने से खेलना शुरू किया। सभी को यह देखकर हैरानी हुई कि आरोन सामान्य बच्चों की तरह बैट को इधर-उधर नहीं चला रहे थे। उनका बल्ला सीधा चल रहा था। घर के ड्राइंग रूम वह उस बल्ले से खेला करते थे। यही से उनके क्रिकेटर बनने की शुरुआत हुई।

    आरोन को पिता का हमेशा मिल सपोर्ट

    आरोन जॉर्ज के क्रिकेटर बनने में उनका पिता ईसो वर्गीज का रोल काफी अहम है। वह खुद क्रिकेटर बनना चाहते थे लेकिन सपोर्ट नहीं मिलने की वजह से सफलता हासिल नहीं कर पा। वह लोकल स्तर पर क्रिकेट खेलते थे। पहले वह पुलिस में थे लेकिन कॉर्पोरेट सेक्टर में चले गए ताकि बेटे के करियर पर पूरा ध्यान दे सकें।

    अंडर-19 विश्व कप का सबसे बड़ा रन चेज

    टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी अफगािस्तान टीम ने 4 विकेट खोकर 310 रन बनाए। टीम के लिए फैसल शिनोजादा ने 110 जबकि उजैरुल्लाह नियाजी ने 101 रनों की पारी खेली। भारतीय टीम ने 42वें ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। यह अंडर-19 विश्व कप इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज है। 2006 में न्यूजीलैंड ने आयरलैंड के खिलाफ 305 रनों का लक्ष्य हासिल किया था।

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