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  • ऑफिस में साथ काम करने वाला इंसान है या AI? मस्क के ‘ह्यूमन एमुलेटर’ ने मचाई सनसनी

    xAI के पूर्व इंजिनियर सुलेमान घोरी का एक पॉडकास्ट वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने इलॉन मस्क की AI कंपनी के एक प्रोजेक्ट के बारे में बताया है। घोरी ने बताया कि xAI ‘ह्यूमन एमुलेटर’ पर काम कर रहा है। यह ठीक ऐसा ही है कि आप जिसे काम असाइन कर रहे थे, कुछ दिनों


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    By Azad Hind Desk फरवरी 6, 2026
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    xAI के पूर्व इंजिनियर सुलेमान घोरी का एक पॉडकास्ट वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने इलॉन मस्क की AI कंपनी के एक प्रोजेक्ट के बारे में बताया है। घोरी ने बताया कि xAI ‘ह्यूमन एमुलेटर’ पर काम कर रहा है। यह ठीक ऐसा ही है कि आप जिसे काम असाइन कर रहे थे, कुछ दिनों बाद पता चले कि वह इंसान नहीं AI है। ये डिजिटल एमुलेटर्स हैं जो कंप्यूटर पर इंसानों की तरह की-बोर्ड और माउस इस्तेमाल करते हैं। ये किसी भी सॉफ्टवेयर पर इंसानों की तरह काम कर सकते हैं। कुछ दिनों पहले आपने ऑप्टिमस रोबॉट देखा था, जो फिजिकल काम बिल्कुल इंसानों की तरह कर रहा था। ठीक उसी तरह ये ह्यूमन एमुलेटर भी वर्चुअल तरीके से काम कर सकते हैं।

    घोरी के मुताबिक, ये AI इतने असली जैसे लगते हैं कि कई बार xAI के असली कर्मचारी भी धोखा खा जाते हैं। कुछ मामलों में तो मैनेजर समझ ही नहीं पाए कि जिसे काम असाइन कर रहे थे, वह इंसान नहीं, बल्कि AI था। इस पॉडकास्ट के बाद घोरी ने xAI को छोड़ने का ऐलान कर दिया।

    AI टीम का हिस्सा बनने को तैयार

    इन AI कर्मचारियों को इस तरह बनाया गया है कि वे कंप्यूटर स्क्रीन देख सकें, माउस और की-बोर्ड का इस्तेमाल कर सकें, फाइल खोलें, ईमेल लिखें और हम-आप जो काम करते हैं, वो सारे काम कर सकें। यानी किसी खास सॉफ्टवेयर के लिए अलग से सेटिंग करने की जरूरत नहीं। जैसे इंसान किसी भी कंप्यूटर पर काम कर लेता है, वैसे ही ये AI भी कर सकते हैं।

    घोरी ने पॉडकास्ट में बताया कि कंपनी के अंदर ये AI सिस्टम बाकायदा टीम का हिस्सा माने जाते हैं। कुछ AI को तो कंपनी के इंटर्नल ड्यूटी चार्ट में स्टाफ की तरह जोड़ा गया है। यही वजह है कि कई बार लोग पूछ बैठते हैं कि फलां कर्मचारी आज ऑनलाइन क्यों नहीं है? जबकि वह कोई इंसान नहीं, बल्कि AI होता है।

    माइक्रोसॉफ्ट को भी टक्कर देने की तैयारी

    xAI का यह पूरा प्रोजेक्ट इलॉन मस्क के निर्देशन में चल रहा है। मस्क ऐसा AI सिस्टम बनाना चाहते हैं तो जो माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस यानी वर्ल्ड, एक्सेल, आउटलुक का विकल्प बन सके। मजाक में मस्क ने इस प्रोजेक्ट का नाम Macrohard दिया है।

    इसका मकसद है कि भविष्य में कंपनियों का ज्यादातर काम इंसानों की जगह AI करे। ईमेल लिखना, रिपोर्ट बनाना, डेटा संभालना, यहां तक कि सॉफ्टवेयर डिवेलप करना भी AI के हवाले कर दिया जाए। मस्क का मानना है कि आने वाले समय में दफ्तरों में AI सिर्फ असिस्टेंट नहीं, बल्कि मुख्य काम करने वाला कर्मचारी बन जाएगा।

    कंप्यूटिंग पावर के लिए टेस्ला कार ओनर से मदद

    इतने बड़े AI सिस्टम को चलाने के लिए बहुत ज्यादा कंप्यूटिंग पावर चाहिए। यानी काफी बड़े सर्वर और भारी बिजली खर्च। घोरी के मुताबिक, कंपनी इस बात पर विचार कर रही है कि टेस्ला की कारों में लगे पावरफुल कंप्यूटर चिप्स का इस्तेमाल AI ऑपरेशन में किया जाए।

    अमेरिका और दूसरे देशों में लाखों टेस्ला कारें लोगों के ऑफिस पहुंचने या ऑफिस से घर आने के बाद खड़ी रहती हैं। ये कारें 24 घंटे में सिर्फ कुछ घंटे ही इस्तेमाल होती हैं। xAI का प्लान है कि जब ये कारें इस्तेमाल में न हों, तब उनके पावरफुल कंप्यूटर चिप का इस्तेमाल AI सिस्टम के लिए हो। इसके बदले में कार मालिकों को कुछ पेमेंट किया जाए। यह एक तरह से शेयर किए गए कंप्यूटर नेटवर्क की तरह काम करेगा।

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