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  • रूस से युद्ध तो हुआ तो कुछ ही दिन में पुतिन कर लेंगे यूरोपीय देशों पर कब्जा, नाटो वॉरगेम के नतीजों से हड़कंप

    मॉस्को: रूस के फरवरी, 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद से यूरोप में इस मुद्दे पर चिंता देखी गई है। यूरोपीय देशों और नाटो प्रमुख की ओर से बार-बार रूस के साथ संभावित युद्ध की तैयारी करने बात कही गई। यूरोप से रक्षा बजट बढ़ाने के दावे भी बीते चार साल से किए जाते


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    By Azad Hind Desk फरवरी 6, 2026
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    मॉस्को: रूस के फरवरी, 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद से यूरोप में इस मुद्दे पर चिंता देखी गई है। यूरोपीय देशों और नाटो प्रमुख की ओर से बार-बार रूस के साथ संभावित युद्ध की तैयारी करने बात कही गई। यूरोप से रक्षा बजट बढ़ाने के दावे भी बीते चार साल से किए जाते रहे हैं। इन सब दावों के उलट नए जारी किए गए वॉरगेम से पता चलता है कि यूरोप जंग के लिए बिल्कुल तैयार नहीं हैं। रूस से लड़ाई हुई तो उनकी हार निश्चित है। खासतौर से अमेरिका दूरी बनाई तो रूस के सामने यूरोप टिक नहीं सकेगा।

    नाटो पर रूसी हमले के नतीजों को भांपने वाले इस वॉर गेम से पता चलता है कि यूरोपीय देश रूस के किसी सैन्य हमले का सामना नहीं कर सकेंगे। पूर्व जर्मन और नाटो अधिकारियों ने यह अभ्यास किया है। इस अभ्यास में पाया गया कि व्लादिमीर पुतिन अगर रूसी आर्मी को हमले का आदेश देते हैं तो उनको कुछ ही दिन में जीत मिल सकती है।

    कैसे किया गया अभ्यास

    इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने अपने वॉरगेम में लिथुआनिया में रूसी घुसपैठ का सिमुलेशन किया गया था। इसमें निष्कर्ष निकला कि मॉस्को ने ऐसी कोशिश की तो वह कुछ ही दिनों में अपने ज्यादातर लक्ष्य हासिल कर लेगा। इस अभ्यास में ऐसा परिदृश्य पैदा किया गया, जिसमें रूस हमला कर देता है।

    इस अभ्यास में ऐसी स्थिति की कल्पना की गई, जिसमें क्रेमलिन ने कलिनिनग्राद के रूसी एन्क्लेव में मानवीय संकट के दावों का इस्तेमाल करके लिथुआनियाई शहर मारिजमपोल में अपनी सेना भेज दी है। यह पूर्व में महत्वपूर्ण शहरी इलाका है, जिससे रूस और बेलारूस को जोड़ने वाली सड़क गुजरती है।

    अक्टूबर 2026 में हमले की कल्पना

    रूस के हमले के इस परिदृश्य को अक्टूबर 2026 में हुआ माना गया है। इसमें कहा गया है कि अमेरिकी नेतृत्व के पीछे हटने और नाटो देशों की हिचकिचाहट मॉस्को को कुछ ही दिनों में बाल्टिक पर पूरी तरह से नियंत्रण हासिल करने का मौका दे सकता है। इसमें केवल 15,000 सैनिकों की शुरुआती सेना का इस्तेमाल किया जाएगा।

    पोलिश सुरक्षा विश्लेषक बार्टलोमी कोट ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल से कहा है कि रूसी अपने लक्ष्य बिना इकाइयों को हिलाए हासिल कर सकते हैं। वियना स्थित सैन्य विश्लेषक फ्रांज-स्टीफन गैडी ने कहा है कि जर्मनी की हिचकिचाहट रूस का रास्ता आसान करेगी। यह गेम यूरोप में नाटो पर रूसी हमले के बढ़ते डर के बीच खेला गया। पिछले साल रूसी ड्रोन और फाइटर जेट ने कथित तौर पर कई बार नाटो इलाके में बार-बार घुसपैठ की थी।

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