‘फिर वही पैटर्न दोहरा रहे’
पंजाब बीजेपी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट में लिखा लोकसभा में कुछ कांग्रेस सांसदों के बर्ताव को सामान्य हंगामा कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, खासकर उनके अपने रिकॉर्ड को देखते हुए। उन्होंने कहा कि 2022 में जिन लोगों ने पंजाब में प्रधानमंत्री की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली परिस्थितियों को बढ़ावा दिया था, उनमें से कुछ आज लोकसभा के सदस्य हैं – और कांग्रेस की ऊंची कुर्सी पर भी बैठे हैं, जो पार्टी की पॉलिसी और रणनीति को प्रभावित करते हैं। जब वही लोग वही पैटर्न दोहराते हैं, तो इतिहास को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
जाखड़ ने आगे लिखा कि जो लोग कभी प्रधानमंत्री के दौरे को सुरक्षा के लिहाज से बुरे सपने में बदल चुके थे, वे अब संसद को ही ठप करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने से रोकना किसी व्यक्ति का अपमान नहीं है – यह प्रधानमंत्री के पद की संवैधानिक गरिमा पर जानबूझकर किया गया हमला है। जाखड़ ने कहा कि जब तर्क फेल हो जाते हैं, तो संस्थानों को नुकसान पहुंचाया जाता है। जैसा कि मुजफ्फर वारसी ने लिखा था:
”औरों के खयालात की लेते हैं तलाशी
और अपने गरेबान में झांका नहीं जाता।”
पीएम ने लोकसभा में नहीं दिया भाषण
मालूम हो कि लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव बिना पीएम मोदी के जवाब के ही पारित हो गया था। लोकसभा में सदस्यों के हंगामे की वजह से पीएम मोदी के लोकसभा में भाषण रद्द कर दिया गया। इसके बाद विपक्ष ने पीएम मोदी पर सवालों से भागने का आरोप लगाया था।
हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का कहना था कि कांग्रेस के कई सदस्य सदन के नेता की सीट के पास पहुंचकर किसी अप्रत्याशित घटना को अंजाम देना चाहते थे। इसलिए, उनके अनुरोध पर प्रधानमंत्री मोदी सदन में नहीं आए। बिरला ने यह भी कहा कि बुधवार को विपक्ष के कुछ सदस्यों ने उनके चैंबर में आकर जिस तरह का व्यवहार किया, वैसा लोकसभा की शुरुआत से लेकर आज तक कभी नहीं हुआ और यह दृश्य एक ‘काले धब्बे’ की तरह था।













