एपस्टीन फाइलों ने अंतरराष्ट्री स्तर पर बहस छेड़ दी है। इस फाइलों में टेक अरबपति बिल गेट्स से लेकर भारतीय-अमेरिकी लेखक दीपक चोपड़ा तक के नाम शामिल हैं। इसी लिस्ट में फिल्म प्रड्यूसर और एक्टर अनुराग कश्यप का नाम भी आया था, जिसके बाद उन्होंने इस विवाद पर अपना रिएक्शन दिया है।
अनुराग कश्यप को ‘बॉलीवुड वाला’ बताया गया है
ऑनलाइन वायरल इस अनकन्फर्म डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, कश्यप को कथित तौर पर एक ईमेल में ‘बॉलीवुड वाला’ और ‘फेमस बॉलीवुड निर्देशक’ बताया गया है। बताया जा रहा है कि इनका नाम एपस्टीन से जुड़े एक कार्यक्रम में शामिल था, जो 2017 में बीजिंग में होने वाला था। इस ईमेल का स्क्रीनशॉट एक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर खूब छाया है।
अनुराग कश्यप ने कहा- मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है
कश्यप ने एपस्टीन या जुड़े कार्यक्रम से किसी भी तरह के संबंध से साफ इनकार किया है और इन दावों को बेबुनियाद बताया है। हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। मुझे स्पीकर के तौर पर इन्विटेशन मिलते हैं, शायद हर महीने में करीब 15 रहते हैं। मैं शायद ही कभी किसी को जवाब देता हूं। मैं अपने जीवन में कभी बीजिंग नहीं गया।’
‘मेरे नाम से बनाए गए क्लिकबेट मेरी फिल्मों से कहीं ज्यादा लोकप्रिय’
उन्होंने एपस्टीन फाइल के नाम से फैल रही चीजों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘यह कोई साधारण ईमेल है, जो अपने आपमें सब कुछ स्पष्ट कर देता है। मेरे नाम से बनाए गए क्लिकबेट मेरी फिल्मों से कहीं ज्यादा लोकप्रिय हैं।’
लोगों ने इस फाइल पर किया है रिएक्ट
स्क्रीनशॉट में अनुराग कश्यप का नाम सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने तुरंत रिएक्ट किया है। रेडिट के एक यूजर ने लिखा, ‘क्या ये एपस्टीन की फाइलें हैं या चित्रगुप्त अकाउंट बुक? इसमें सबका नाम है। डर है कहीं मेरा नाम भी सामने न आ जाए।’
जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामले में अंडे सहेजने वाली मानव मशीन का जिक्र
जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामलों में कई गंभीर और चौंकाने वाले आरोप सामने आए हैं। इन फाइलों में नाबालिग लड़कियों और महिलाओं से दरिंदगी का खुलासा हुआ है। एक अन्य फाइल के मुताबिक, एक नाबालिग लड़की ने खुद को ह्यूमन इन्क्यूबेटर यानी अंडे सहेजने वाली मानव मशीन की तरह इस्तेमाल करने का दावा किया। ईमेल के मुताबिक, जोरो रैंच में लड़कियों को लंबे समय तक बंद रखा गया और उनसे जबरन गर्भधारण कराया गया। बच्चे पैदा कराए गए और जन्म के बाद ये बच्चे गायब हो गए। एक महिला ने आत्महत्या की कोशिश भी की थी। एपस्टीन से जुड़े कुछ सौदे बिटकॉइन जैसे क्रिप्टोकरेंसी के जरिए होने की बात कही गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प करते रहे थे इनकार
एपस्टीन फाइल्स करीब 30 लाख पन्नों का ऐसा दस्तावेज है जो जेफरी एपस्टीन और उसके सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल के यौन तस्करी से संबंधित आपराधिक जांच से जुड़ा है। ये दस्तावेज 2019 में एपस्टीन की मौत के बाद से ही चर्चा का विषय रहा है। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प लंबे समय से एपस्टीन के घिनौने काम के बारे में किसी भी जानकारी से इनकार करते रहे हैं।
इसमें करीब 2000 वीडियो और 180000 तस्वीरें
अब 18 नवंबर को प्रतिनिधि सभा ने 427-1 की वोटिंग से एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट पारित किया, जिसे सीनेट ने भी पारित किया और राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर किए। इसके बाद से ही इस फाइल्स से जुड़े पन्ने सार्वजनिक हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि DOJ ने जांच से जुड़ी आधी फाइलें जारी की हैं, जिनमें करीब 2000 वीडियो और 180000 तस्वीरें भी हैं। इस फाइल में कई लोगों के नाम बिना पुष्टि वाली जानकारियों से आए हैं जो सिर्फ दावे हैं। उनके खिलाफ किसी तरह के कोई अपराध के सबूत नहीं मिले हैं।
एपस्टीन की मौत 2019 में हो चुकी है
बता दें कि एपस्टीन की मौत 2019 में हो चुकी है। उनकी मौत के 6 साल बाद भी एपस्टीन की फाइलें विश्व की कई सरकारों, नेताओं, बिजनेसमैन और नामी-गिरामी हस्तियों के लिए परेशानी का शबब बनी हुई है।














