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  • U19 World Cup Final Highlights: टी20 विश्व कप से ठीक पहले भारत अंडर-19 चैंपियन, वैभव सूर्यवंशी के तूफान से छठी बार जीता खिताब, यूं हारे अंग्रेज

    हरारे: अंडर-19 विश्व कप का खिताब भारत ने जीत लिया है। इंग्लैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबले को आयुष म्हात्रे की टीम ने 100 रनों से अपने नाम किया। भारत टूर्नामेंट का सबसे सफल देश भी है। छठी बार भारत के खाते में अंडर-19 विश्व कप का खिताब आया है। इससे पहले भारत ने 2000, 2008,


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    By Azad Hind Desk फरवरी 6, 2026
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    हरारे: अंडर-19 विश्व कप का खिताब भारत ने जीत लिया है। इंग्लैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबले को आयुष म्हात्रे की टीम ने 100 रनों से अपने नाम किया। भारत टूर्नामेंट का सबसे सफल देश भी है। छठी बार भारत के खाते में अंडर-19 विश्व कप का खिताब आया है। इससे पहले भारत ने 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में अंडर-19 विश्व कप का खिताब जीता था। टीम 2016 से खेले सभी अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में पहुंची थी। खिताबी मुकाबले में भारतीय टीम ने 411 रन बनाए। 41वें ओवर में इंग्लैंड की पारी 311 रनों पर सिमट गई।

    वैभव सूर्यवंशी ने 175 रनों की पारी खेली

    हरारे स्पोर्ट्स क्लब में भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम इंडिया ने 20 के स्कोर पर आरोन जॉर्ज (9) का विकेट गंवा दिया। यहां से वैभव सूर्यवंशी ने कप्तान म्हात्रे के साथ दूसरे विकेट के लिए 90 गेंदों में 142 रन जुटाते हुए टीम को 162 के स्कोर तक पहुंचा दिया। म्हात्रे 51 गेंदों में 2 छक्कों और 7 चौकों के साथ 53 रन बनाकर आउट हुए।

    वैभव सूर्यवंशी ने विस्फोटक बैटिंग जारी रखी। उन्होंने सिर्फ 55 गेंदों पर शतक ठोक दिया। 175 रनों की पारी खेलने के बाद वह आउट हुए। उन्होंने 15 चौके के साथ ही 15 छक्के मारे। यह अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में किसी भी बल्लेबाज की सबसे बड़ी पारी है। इसके साथ ही उन्होंने यूथ वनडे में अपने 100 छक्के भी पूरे किए। वैभव ऐसा करने वाले दुनिया के पहले क्रिकेटर हैं।

    कनिष्क चौहान ने फिनिश की पारी

    भारतीय टीम 308 रन तक अपने 5 विकेट खो चुकी थी। यहां से अभिज्ञान कुंडू ने आरएस अम्ब्रीश के साथ 51 रन की साझेदारी की। अभिज्ञान कुंडू 31 गेंदों में 1 छक्के और 6 चौकों के साथ 40 रन बनाकर आउट हुए, जबकि अम्ब्रीश ने 18 रन का योगदान टीम के खाते में दिया। अंतिम ओवरों में कनिष्क चौहान ने 20 गेंदों में 1 छक्के और 3 चौकों के साथ नाबाद 37 रन बनाकर स्कोर को 400 के पार पहुंचा दिया। इंग्लिश खेमे से जेम्स मिंटो ने 3 विकेट हासिल किए, जबकि सेबेस्टियन मॉर्गन और एलेक्स ग्रीन ने 2-2 विकेट हासिल किए।

    इंग्लैंड ने दिखाया विस्फोटक रूप

    इंग्लैंड ने भी भारतीय गेंदबाज को मुंहतोड़ जवाब दिया। शुरुआती तीन ओवर में तो टीम के सिर्फ दो रन थे लेकिन सलामी बल्लेबाज जोसेफ मूर्स ने चौथे ओवर में हैट्रिक चौका लगाया। हालांकि 5वें ओवर में वह आरएस अम्ब्रीश का शिकार बन गए। 7वें ओवर के खत्म होने के बाद इंग्लैंड ने 25 रन बना थे। यहां से बेन डॉकिन्स और बेन मेयस ने गियर बदल दिया। 10वें ओवर में टीम 64 रनों तक पहुंच गई। मेयस तेजी से फिफ्टी की तरफ बढ़ रहे थे लेकिन खिलान पटेल ने उनका विकेट ले लिया। रिवर्स स्वीप करने की कोशिश में वह 28 गेंद पर 45 रन बनाकर आउट हुए।

    कप्तान थॉमस रेव ने भी आते ही अटैक किया। 18 गेंद पर 31 रन बनाकर वह कनिष्क चौहान की गेंद पर आउट हुए। डॉकिन्स ने भी इस बीच अपनी फिफ्टी पूरी कर ली। 20 ओवर के बाद इंग्लैंड का स्कोर 3 विकेट पर 171 रन था। अगले दो ओवर में भारत को चार विकेट मिल गए। आयुष म्हात्रे ने डॉकिन्स (66) को आउट किया तो राल्फी अल्बर्ट रन आउट हो गए। फरहान अहमद (1) और सेबेस्टियन मॉर्गन (0) दीपेश देवेंद्रन का शिकार बने।

    कैलेब फॉल्कनर ने शतक ठोका

    177 रनों पर 7 विकेट गिरने के बाद इंग्लैंड की हार पक्की हो गई थी। लेकिन कैलेब फॉल्कनर ने विस्फोटक बैटिंग जारी रखी। 26 गेंदों पर उन्होंने अपनी फिफ्टी पूरी की। जेम्स मिंटो ने 41 गेंद पर 28 रन बनाकर उनका साथ निभाया। दोनों के बीच 92 रनों की साझेदारी हुई। अम्ब्रीश ने मिंटो को आउट करके यह साझेदारी तोड़ी। मैनी मुम्सडेन 3 रन ही बना सके लेकिन फाल्कनर ने विस्फोटक बैटिंग जारी रखी। 63 गेंदों पर उन्होंने अपना शतक पूरा किया। 41वें ओवर में कनिष्क चौहान ने फॉल्कनर का विकेट लेकर भारत को चैंपियन बना दिया। उन्होंने 67 गेंद पर 9 चौके और 7 छक्कों की मदद से 115 रन बनाए। आरएस अम्ब्रीश ने तीन जबकि दीपेश और कनिष्क ने 2-2 विकेट लिए।

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