नेत्रवलकर के नाम दर्ज हुआ टी20 वर्ल्ड कप का सबसे महंगा स्पेल
वानखेड़े की पिच पर जिस सौरभ नेत्रवलकर के दम पर अमेरिकी टीम भारतीय बल्लेबाजों को चुनौती देने की उम्मीद कर रही थी, उन्हें भारतीय कप्तान ने बुरी तरह धो दिया। नेत्रवलकर ने अपने 4 ओवर के कोटे में बिना कोई विकेट लिए 65 रन लुटाए। इसके साथ ही उन्होंने 2007 के पहले टी20 वर्ल्ड कप में श्रीलंका के दिग्गज सनथ जयसूर्या द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ बनाए गए 0/64 के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। अब नेत्रवलकर टी20 वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे महंगे गेंदबाज बन गए हैं। उनके इस स्पेल में ईशान किशन और तिलक वर्मा ने भी शुरुआती ओवरों में छक्के जड़कर दबाव बनाया था।
सूर्यकुमार यादव का वानखेड़े में तूफान
भारत की पारी की शुरुआत बेहद खराब रही थी और टीम ने एक समय महज 77 रन पर अपने 6 मुख्य विकेट गंवा दिए थे। ऐसे संकट के समय कप्तान सूर्यकुमार यादव एक छोर पर मजबूती से जम गए। उन्होंने नेत्रवलकर को डेथ ओवरों के लिए बचाकर रखने की अमेरिकी रणनीति को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। सूर्या ने 16वें ओवर में नेत्रवलकर के खिलाफ तीन चौके और एक छक्का जड़ा, जबकि 20वें ओवर में दो छक्के और एक चौका लगाकर भारत का स्कोर 161 तक पहुंचाया। सूर्यकुमार ने नाबाद 84 रनों की पारी खेलकर अकेले नेत्रवलकर के खिलाफ भारत के कुल स्कोर का लगभग 40 प्रतिशत रन बटोरे।
इतिहास के सबसे महंगे स्पेल की लिस्ट में टॉप पर नेत्रवलकर
नेत्रवलकर की इस धुलाई ने उन्हें एक ऐसी लिस्ट में पहले स्थान पर पहुंचा दिया है जिसमें दुनिया का कोई भी गेंदबाज शामिल नहीं होना चाहता है। उन्होंने जयसूर्या द्वारा एक ही मैच में खर्च किए गए 64 रन के रिकॉर्ड को तोड़ा। दिलचस्प बात यह है कि नेत्रवलकर को टीम में सबसे कठिन भूमिका दी गई थी, जहां उन्हें पावरप्ले के साथ-साथ अंतिम ओवरों में भी गेंदबाजी करनी पड़ी। जब भारत बीच के ओवरों में संघर्ष कर रहा था, तब उन्हें गेंदबाजी पर नहीं लगाया गया, जिसका फायदा सूर्या ने अपनी पारी को बुनने में उठाया।













