मोहसिन नकवी ने बताया कि संदिग्धों को गिरफ्तार करने के लिए की गई सुरक्षाबलों की छापेमारी के दौरान एक पाकिस्तानी अधिकारी की मौत हुई है और तीन घायल हो गए हैं। शुक्रवार को हुआ धमाका एक दशक से ज्यादा समय में राजधानी में हुआ सबसे घातक हमला था। इसके पहले साल 2008 में मैरियट होटल के बाहर आत्मघाती धमाका हुआ ता, जिसमें 63 लोग मारे गए थे और 250 से ज्यादा घायल हुए थे। वहीं, बीते साल नवम्बर में राजधानी की एक कोर्ट के बाहर आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें 12 लोग मारे गए थे।
नकवी ने भारत के खिलाफ उगला जहर
शनिवार को गिरफ्तारियों की घोषणा करते हुए नकवी ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला। नकवी ने भारत पर हमले में शामिल लोगों को फंडिंग करने और उन्हें टारगेट देने का आरोप लगाया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने पहले ही बम धमाके की निंदा की है और पाकिस्तान के आरोपों को बेबुनियाद बताकर खारिज कर दिया है।
ख्वाजा आसिफ का भारत पर आरोप झूठा
इसके पहले पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने शुक्रवार को बिना किसी सबूत के भारत और अफगानिस्तान पर इस हमले में शामिल होने का आरोप लगाया था। वहीं, भारत ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान अपनी सामाजिक समस्याओं को सुलझाने के बाद, अपनी घरेलू बुराइयों के लिए दूसरों को दोष देकर खुद को धोखा दे रहा है। आसिफ के बयान पर अफगान सरकार ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने इस गैर-जिम्मेदाराना ढंग से अफगानिस्तान से जोड़ा है।
पाकिस्तान अक्सर अफगानिस्तान पर आतंकवादियों पर पनाह देने का आरोप लगाता रहता है। काबुल ने इन आरोपों से लगातार इनकार किया है। गौरतलब है कि इस्लामिट स्टेट और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार एक दूसरे के कट्टर विरोधी हैं। ISIS ने अफगानिस्तान में तालिबान को निशाना बनाकर कई घातक हमले किए हैं।














