सूर्यकुमार यादव का महा-रिकॉर्ड और कप्तानी का नया शिखर
भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपनी नाबाद 84 रनों की पारी से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी बादशाहत साबित की। उन्होंने विराट कोहली के 16 प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड्स के रिकॉर्ड को तोड़कर टी20I में सबसे ज्यादा 17 बार यह पुरस्कार जीतने वाले भारतीय बनने का गौरव प्राप्त किया। इसके अलावा, बतौर कप्तान टी20 वर्ल्ड कप डेब्यू पर उनका यह स्कोर इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर बन गया है, जहां उन्होंने बाबर आजम (68*) को पछाड़ा। सूर्या अब महेंद्र सिंह धोनी, रोहित शर्मा और विराट कोहली के उस विशेष क्लब में भी शामिल हो गए हैं, जिन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय में कप्तान के तौर पर 1000 रन पूरे किए हैं।
टीम इंडिया ने रचा इतिहास और तोड़ा साउथ अफ्रीका का रिकॉर्ड
अमेरिका पर मिली इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में लगातार सबसे ज्यादा मैच जीतने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। भारत ने साल 2024 से लेकर अब तक लगातार 9 मैच जीतकर साउथ अफ्रीका के 8 मैचों के विजय रथ को पीछे छोड़ दिया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि पिछले दो सालों में टीम इंडिया ने इस टूर्नामेंट में किस कदर अपना दबदबा बनाए रखा है।
सौरभ नेत्रवलकर का शर्मनाक रिकॉर्ड और वैन शल्कविक की ऐतिहासिक सफलता
अमेरिकी गेंदबाजी के लिए यह दिन खट्टा-मीठा रहा। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सौरभ नेत्रवलकर ने अपने 4 ओवरों में 65 रन लुटाए, जो टी20 वर्ल्ड कप के 19 साल के इतिहास का सबसे महंगा स्पेल बन गया है। उन्होंने सनथ जयसूर्या (64 रन) के 2007 के अनचाहे रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। दूसरी ओर, शेडली वैन शल्कविक ने 25 रन देकर 4 विकेट चटकाए, जो टी20 वर्ल्ड कप में किसी भी अमेरिकी गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। वैन शल्कविक ने एक ही ओवर में तीन विकेट लेकर इतिहास के उन चुनिंदा एसोसिएट गेंदबाजों में जगह बनाई जिन्होंने किसी फुल मेंबर देश को झकझोर दिया हो।
भारतीय पावरप्ले का संघर्ष और ओपनिंग का नया संयोग
मैच में भारतीय बल्लेबाजी की शुरुआत काफी चौंकाने वाली रही। अभिषेक शर्मा अपने वर्ल्ड कप डेब्यू पर गोल्डन डक यानी पहली ही गेंद पर आउट होने वाले पांचवें भारतीय बल्लेबाज बने। भारत ने पावरप्ले के भीतर ही 46 रनों पर 4 विकेट गंवा दिए थे, जो वर्ल्ड कप में किसी बड़ी टीम का एसोसिएट देश के खिलाफ एक दुर्लभ पतन था। साथ ही, 2012 के बाद यह पहला मौका था जब भारतीय टीम ने दो बाएं हाथ के ओपनर्स (ईशान किशन और अभिषेक शर्मा) के साथ पारी की शुरुआत की, जो एक बड़ा बदलाव था।













