रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, परीक्षण के दौरान अग्नि-3 इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल के सभी तकनीकी व ऑपरेशनल पैरामीटर सफल रहे। सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल को सामरिक बल कमान (एसएफसी) के जवानों ने एक ‘मोबाइल लॉन्चर’ से लॉन्च किया। यह लॉन्च स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड की निगरानी में हुआ, जो भारत की महत्वपूर्ण सैन्य ताकत का जिम्मा संभालती है।
अग्नि-3 मिसाइल की खासियत
- अग्नि-3 अपनी श्रेणी की सबसे आधुनिक और सटीक मारक मिसाइलों में से एक है और इसे पहले ही सेना में शामिल किया जा चुका है।
- अग्नि-3 इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता 3 हजार किलोमीटर है।
- अग्नि-3 मिसाइल 1.5 टन वजन को 3,000-3,500 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक ले जाने में सक्षम है।
- अग्नि-3 मिसाइल की रेंज में पूरा पाकिस्तान और चीन का बीजिंग भी आता है।
- अग्नि-3 मिसाइल की स्पीड अधिकतम Mach 15 (लगभग 18,500 किमी/घंटा या 5-6 किमी/सेकंड) है।
- यह हाई एक्यूरेसी वाली मिसाइल है, साथ ही इसमें मिड-फ्लाइट में टारगेट बदलने की क्षमता भी मौजूद है।
- अग्नि-3 मिसाइल को रोड मोबाइल या रेल-मोबाइल लॉन्चर से लॉन्च किया जा सकता है।
अग्नि मिसाइल सिस्टम रक्षा प्रणाली का अहम हिस्सा
अग्नि मिसाइल सिस्टम भारतीय रक्षा प्रणाली का एक प्रमुख हिस्सा है। इससे पहले भारत ने अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। भारत ने बीते वर्ष अपनी अत्याधुनिक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया था। यह परीक्षण देश की मिसाइल क्षमता में एक बड़ी कामयाबी थी।
अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण भी ओडिशा के इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज, चांदीपुर से स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड की देखरेख में ही सम्पन्न हुआ था। अग्नि-5 मिसाइल की मार्गदर्शन प्रणाली, प्रणोदन, चरण विभाजन (स्टेज सेपरेशन), और अंतिम सटीकता (टर्मिनल एक्युरेसी) जैसे सभी पहलुओं को परखा और प्रमाणित किया गया था। अग्नि-5 की प्रमुख विशेषताओं की बात करें तो यह मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी मारक क्षमता 5,000 किलोमीटर से भी अधिक है। यानी यह मिसाइल इतनी दूरी तक के लक्ष्य भेदने में सक्षम है।













