नसीरुद्दीन शाह ने हाल ही ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में लिखे अपने एक ओपिनियन पीस में कहा था कि उन्हें मुंबई यूनिवर्सिटी ने एक बार एक इवेंट में बुलाया था, पर एनमौके पर निमंत्रण वापस ले लिया। साथ ही कहा था कि यूनिवर्सिटी ने उन्हें न तो इसका कारण बताया और न ही माफी मांगी थी। उन्होंने इसे अपमानजनक और निराशाजनक बताया था। इसी लेख में नसीरुद्दीन शाह ने यह भी लिखा था कि ये वो देश नहीं, जहां मैं पला-बड़ा हुआ, जिसे प्यार करना मुझे सिखाया गया था। उन्होंने लिखा था कि यहां अब दो मिनट की नफरत 24 घंटे की नफरत में बदल चुकी है। इसी पर मनोज मुंतशिर ने ‘आईएएनएस’ को दिए इंटरव्यू में बात की।
मनोज मुंतशिर का नसीरुद्दीन शाह को जवाब
मनोज मुंतशिर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि इस देश में यूनिवर्सिटीज स्वतंत्र रूप से संचालित होती हैं। यूनिवर्सिटी सरकार द्वारा चलाई जाती हैं। यह मेरे लिए नई जानकारी है। मुझे यह पता नहीं था। उनका मैनेजमेट ऑटोनॉमस होता है। मुझे नहीं पता क्या हुआ, लेकिन नसीरुद्दीन शाह एक महान कलाकार हैं। वह एक महान एक्टर हैं।’
नसीरुद्दीन शाह पर मनोज मुंतशिर ने कसा तंज
मनोज मुंतशिर ने आगे कहा, ‘हम सभी उनका बहुत सम्मान करते हैं। मैंने उनका एक बयान पढ़ा। उन्होंने कहा कि जिस देश में वह पले-बढ़े, वह आज का भारत नहीं है। शायद वह सही हों। जिस देश में वह और मैं पले-बढ़े, वह तुष्टीकरण का देश था। यह नया भारत है। यह बेहतर भारत है। यह अच्छा भारत है। मुझे यह भारत ज्यादा पसंद है।’
नसीरुद्दीन शाह क्या बोले थे? क्या है मुंबई यूनिवर्सिटी विवाद?
नसीरुद्दीन शाह ने ओपिनियन में हाल ही जो दावा किया, उसके बाद विवाद शुरू हो गया है। 75 वर्षीय एक्टर ने दावा किया था कि मुंबई यूनिवर्सिटी के उर्दू विभाग ने एक फरवरी को ‘जश्न-ए-उर्दू’ का आयोजन किया, जिसमें उन्हें भी न्योता दिया गया था, पर एनमौके पर उसे वापस ले लिया गया। नसीरुद्दीन के मुताबिक, उस इवेंट में उन्हें स्टूडेंट्स के साथ बातचीत करनी थी। उस इवेंट में वह जाना चाहते थे, पर ऐसा हो न सका। नसीरुद्दीन के मुताबिक, उन्हें कोई कारण या माफी मांगे बिना न्योता वापस ले लिया गया, जिसमें उन्हें बेइज्जती महसूस हुई।
वैसे, यह पहला मौका नहीं है, जब नसीरुद्दीन शाह के बयान पर विवाद हुआ हो, इससे पहले वह कई विवादित बयान दे चुके हैं:
- नसीरुद्दीन शाह ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में लिखे गए ओपिनियन में जहां मुंबई यूनिवर्सिटी द्वारा एनमौके पर न्योता कैंसिल किए जाने पर गुस्सा निकाला, वहीं इसी में मोदी सरकार को भी जमकर कोसा। नसीरुद्दीन शाह ने लिखा कि उन्होंने कभी खुद को ‘विश्वगुरु’ कहने वाले की तारीफ नहीं की। वह उनके बर्ताव के तरीके की आलोचना करता रहे हैं। वह पिछले 10 साल में किए गए उनके कामों से प्रभावित नहीं हुए और अकसर उनके कामों की आलोचना करते रहे हैं।
- नसीरुद्दीन शाह उस वक्त भी विवादों में आ गए थे जब पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर संग काम करने के कारण दिलजीत दोसांझ के खिलाफ बवाल मचा हुआ था। समाज का एक वर्ग दिलजीत को देशद्रोही बता रहा था। उस वक्त नसीरुद्दीन शाह ने दिलजीत दोसांझ का सपोर्ट करते हुए कहा था कि उन्हें बेवजह निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे लेकर फेसबुक पर एक पोस्ट लिखा था। कहा था कि राजनीतिक तनाव और कला को अलग रखा जाना चाहिए।
- नसीरुद्दीन शाह ‘द केरल स्टोरी’, ‘गदर 2’ और ‘द कश्मीर फाइल्स’ जैसी फिल्मों पर विवादित बयान देकर भी फंस गए थे। उन्होंने इन्हें ऐसी फिल्में बताया था, जो अंधराष्ट्रवाद को बढ़ावा देती हैं और कहा था कि ये समाज के लिए हानिकारक फिल्में हैं।
- इससे पहले नसीरुद्दीन शाह कई इंटरव्यूज में दिवंगत स्टार राजेश खन्ना पर निशाना साध चुके हैं, खूब आलोचना की है। साथ ही अनुपम खेर के साथ भी विवाद हुआ। उन्होंने अनुपम खेर को ‘जोकर और चापलूस’ कह दिया था। उन्होंने कहा था कि अनुपम बीजेपी के पक्ष में बेवजह बोलने वाले जोकर हैं। यह विवाद साल 2020 में हुआ था। उस वक्त नसीरुद्दीन शाह ने दीपिका पादुकोण के जेएनयू छात्रों के सपोर्ट में खड़े होने का समर्थन किया था।














