• Entertainment
  • 30 लाख की फिल्म जिसने पहले शो में कमाए सिर्फ 56 रुपये, फिर ‘शोले’ को टक्कर देकर भी मेकर्स हुए दिवालिया

    साल 1975 में एक फिल्म तैयार की गई थी, जिसे बनाने में मेकर्स ने अपना सबकुछ दांव पर लगा दिया था। ये एक ऐसी फिल्म रही जिसे बनाने के लिए प्रोड्यूसर ने अपनी पूरी संपत्ति तक बेच डाली थी, लेकिन रिलीज के बाद इसने बॉक्स ऑफिस कमाल ही कर दिया था। आलम ये रहा कि


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 9, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    साल 1975 में एक फिल्म तैयार की गई थी, जिसे बनाने में मेकर्स ने अपना सबकुछ दांव पर लगा दिया था। ये एक ऐसी फिल्म रही जिसे बनाने के लिए प्रोड्यूसर ने अपनी पूरी संपत्ति तक बेच डाली थी, लेकिन रिलीज के बाद इसने बॉक्स ऑफिस कमाल ही कर दिया था। आलम ये रहा कि 51 साल पहले रिलीज अमिताभ बच्चन की ‘शोले’ को इसने खूब टक्कर दी।

    आजकल जहां 500 करोड़ और इससे अधिक बजट की फिल्मों के लिए भी कमाई करना कई बार मुश्किल नजर आने लगता है वहीं साल 1975 में रिलीज हुई कम बजट की एक फिल्म ने सिनेमाघरों में खूब इतिहास रचा था। केवल 30 लाख रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने ‘शोले’ जैसे फिल्म की कमाई के आंकड़ों को टक्कर दे दी थी। हालांकि, तकलीफ की बात ये रही कि फिल्म की शानदार कमाई के बावजूद भी फिल्म के प्रड्यूसर्स दिवालिया बन गए थे।

    पहले शो से 56 रुपये, दूसरे शो से 64 रुपये और तीसरे शो से 100 रुपये की कमाई

    ये फिल्म थी कनन कौशल और भारत भूषण की ‘जय संतोषी मां’। ये फिल्म 30 मई 1975 को रिलीज हुई थी। कुछ रिपोर्ट्स में बताया जाता है कि मुंबई के सिनेमाघरों में फिल्म ने अपने पहले शो से केवल 56 रुपये, दूसरे शो से 64 रुपये और तीसरे शो से 100 रुपये कमाए थे। फिल्म बिजनस एक्सपर्ट्स ने इस फिल्म को तुरंत फ्लॉप करार दे दिया था।

    दर्शक सिनेमाघरों में उमड़ने लगे

    हालांकि, ये बात फैलते ही लगा जैसे चमत्कार हो गया हो। अचानक दर्शक सिनेमाघरों में उमड़ने लगे और देखते ही देखते बॉक्स ऑफिस पर भीड़ जबरदस्त जुटने लगी। विजय शर्मा निर्देशित इस फिल्म ‘जय संतोषी मां’ में अनीता गुहा ने संतोषी माता का किरदार निभाया था, जो सिनेमाघरों में 50 हफ्ते तक लगी रही। फिल्म को लेकर पॉप्युलैरिटी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब तक ये फिल्म सिनेमाघरों में रही, महीनों तक शुक्रवार को यहां गुड़ और चना प्रसाद के रूप में बांटे जाते थे।

    फिल्म ने 50 सप्ताह तक शानदार परफॉर्म किया

    एक बार एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि मुंबई के बांद्रा में इस तरह की फिल्मों की डिमांड नहीं थी और आमतौर पर इस तरह की फिल्मों को कमाने के लिए काफी स्ट्रगल करना पड़ता है। वहीं इस फिल्म ने 50 सप्ताह तक शानदार परफॉर्म किया और उस समय के हिसाब से एक जबरदस्त रिकॉर्ड कायम किया। बताया जाता है कि 45 मिलियन फुटफॉल रहा था और ये भारतीय सिनेमा में सबसे अधिक देखी जाने वाली फिल्म रही है।

    30 लाख रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने करीब 5 करोड़ रुपये कमा

    Sacnilk की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 30 लाख रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने करीब 5 करोड़ रुपये कमाए। सफलता के बावजूद, फिल्ममेकर्स को शुरुआत में कोई फायदा नहीं हुआ क्योंकि डिस्ट्रीब्यूटर्स फिल्म को रिलीज़ करने में हिचकिचा रहे थे। आखिरकार केदारनाथ अग्रवाल और संदीप सेठी ने इसके डिस्ट्रीब्यूशन का जिम्मा संभाला।

    प्रोड्यूसर सतराम हुए दिवालिया

    बता दें कि ‘जय संतोषी मां’ ने करोड़ों की कमाई की जरूर लेकिन प्रोड्यूसर सतराम रोहरा को इसकी सफलता से एक भी रुपया नहीं मिला और उन्होंने खुद को दिवालिया घोषित कर दिया। ऐसा माना जाता है कि केदारनाथ के भाइयों ने फिल्म के मामले में इनके साथ धोखाधड़ी की और सारी कमाई हड़प ली। रिजल्ट ये हुआ कि न तो सतराम और न ही केदारनाथ को कोई पैसा मिला।

    • सिनेमाघरों में जब तक फिल्म रही, महीनों तक शुक्रवार को यहां गुड़ और चना प्रसाद के रूप में बांटे जाते थे।
    • 45 मिलियन फुटफॉल रहा था और ये भारतीय सिनेमा में सबसे अधिक देखी जाने वाली फिल्म रही
    • ‘जय संतोषी मां’ को सफल बनाने में देश की महिलाओं ने अहम भूमिका निभाई, रातों-रात ब्लॉकबस्टर बन गई।
    • 1975 में रिलीज हुई रमेश सिप्पी निर्देशित अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की फिल्म ‘शोले’ को इसने कड़ी टक्कर दी।
    • ‘जय संतोषी मां’ उस साल (1975) सबसे अधिक कमाई करने वाली दूसरी टॉप फिल्म रही थी।

    ‘जय संतोषी मां’ को सफल बनाने में देश की महिलाओं ने अहम भूमिका निभाई

    कहा जाता है कि ‘जय संतोषी मां’ को सफल बनाने में देश की महिलाओं ने अहम भूमिका निभाई। इस फिल्म को देखने के लिए सबसे अधिक महिलाएं उमड़ पड़ी। इसी वजह से फिल्म रातोंरात ब्लॉकबस्टर बन गई। वहीं उसी साल 1975 में रिलीज हुई रमेश सिप्पी निर्देशित अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की फिल्म ‘शोले’ को इसने कड़ी टक्कर दी। ‘जय संतोषी मां’ उस साल सबसे अधिक कमाई करने वाली दूसरी टॉप फिल्म रही थी।

    ऋषि नारद का रोल भी अहम

    फिल्म में अहम भूमिका अमर ऋषि नारद की भी है । ये विष्णु के भक्त हैं और फिल्म की दो साथ चल रही कहानियों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं, जो मनुष्यों और देवताओं दोनों से जुड़े हैं।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।