संयुक्त अभ्यास का मकसद तालमेल बढ़ाना
ये एक्सरसाइज दोनों देशों की स्पेशल फोर्स के बीच होने वाली एक अहम एक्सरसाइज है जिसका मकसद जॉइंट ऑपरेशंस में तालमेल बढ़ाना, अनुभव साझा करना और आधुनिक युद्ध तकनीकों को समझना होता है। भारत और अमेरिका के बीच एक्सरसाइज वज्र प्रहार की शुरुआत साल 2010 में की गई थी। ये एक्सरसाइज दोनों देशों में बारी बारी से आयोजित की जाती रही है। ये आम एक्सरसाइज से अलग है क्योंकि इसमें दोनों देशों के अलीट कमांडो शामिल होते हैं। इनका फोकस जॉइंट मिशन प्लानिंग, ऑपरेशनल टैक्टिक्स और विशेष ऑपरेशन्स के दौरान इस्तेमाल होने वाली तकनीकों पर होता है।
आतंकवाद विरोधी ऑपरेशंस की प्रैक्टिस
एक्सरसाइज के पिछले एडिशन में दोनों देशों की स्पेशल फोर्स मिलकर आतंकवाद विरोधी ऑपरेशंस की प्रैक्टिस, एयरबोर्न ऑपरेशन्स और पैरा-ड्रॉप, पहाड़ी इलाकों में युद्धाभ्यास, लंबी दूरी से सटीक निशाना लगाने की ट्रेनिंग, जलमार्ग से सैनिकों की घुसपैठ और रेस्क्यू ऑपरेशन्स की प्रैक्टिस भी कर चुकी हैं। इस तरह की एक्सरसाइज में पारंपरिक और गैर-पारंपरिक दोनों तरह के युद्ध सिनेरियो को सिमुलेट किया जाता है ताकि कमांडो कठिन परिस्थितियों में भी तालमेल के साथ ऑपरेशन कर सकें।
हिमाचल में एक्सरसाइज वज्र प्रहार होगी
हिमाचल प्रदेश के बकलोह में जहां एक्सरसाइज वज्र प्रहार होगी, वह स्पेशल फोर्सेज ट्रेनिंग के लिए अहम केंद्र माना जाता है। यहां पहाड़ी और टफ टेरेन में ऑपरेशन की ट्रेनिंग दी जाती है। एक अधिकारी के मुताबिक ‘वज्र प्रहार’ जैसे स्पेशल फोर्स एक्सरसाइज सिर्फ ट्रेनिंग तक सीमित नहीं हैं बल्कि ये बदलते ग्लोबल माहौल में जॉइंट ऑपरेशन्स की तैयारी का भी हिस्सा होते हैं।













