क्या खारिज हो सकती है नोटिस
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने वाले विपक्षी सांसदों के नोटिस में कई सारी गलतियां पाई गई हैं। कथित रूप से नोटिस में चार-चार बार फरवरी 2025 की घटनाओं का जिक्र कर दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार इन गलतियों की वजह सदन के नियमों के अनुसार इस नोटिस को खारिज भी किया जा सकता है।
क्या नोटिस में किया जा सकता है सुधार
वैसे लोकसभा स्पीकर ने अपने सचिवालय से कहा है कि नोटिस में जो भी त्रुटियां हैं उन्हें ठीक करवाकर आगे की कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू करें। ओम बिरला ने आदेश दिया है कि इस मामले में नियम के अनुसार तेजी से कार्रवाई की जाए। इस नोटिस को बजट सत्र के दूसरे चरण के पूरा होने के बाद लिस्ट किया जाएगा। लोकसभा सचिवालय सूत्रों के अनुसार सुधार के बाद जो नोटिस प्राप्त होगा, उसकी निर्धारित नियमों के तगत यथाशीघ्र छानबीन की जाएगी।
पहले भी एक बार ठीक हो चुकी है नोटिस
बता दें कि मंगलवार को जब यह नोटिस लोकसभा सचिवालय को मिला था तो उसमें साल 2026 की जगह 2025 दर्ज कर दिया गया था। बाद में इसे फिर से संशोधित करके 2026 किया गया। अब पता चला है कि उसमें पिछले साल की घटनाओं वाली तारीखें दी गई हैं।
नोटिस पर हस्ताक्षर करने वाले एमपी कौन
हैरानी की बात है कि इस नोटिस पर हस्ताक्षर करने वाले 119 में से कुछ नाम बहुत बड़े हैं। इसपर केसी वेणुगोपाल, टीआर बालू, गौरव गोगोई, धर्मेंद्र यादव, डिंपल यादव,आदित्य यादव, कुमारी शैलजा, शशि थरूर, अक्षय यादव, मीसा भारती, तारिक अनवर जैसे लोकसभा सांसद ने भी हस्ताक्षर किए हैं।













