• Business
  • ₹1.3 लाख करोड़ स्वाहा! टीसीएस, इन्फोसिस और दूसरे आईटी शेयरों में क्यों आई गिरावट?

    नई दिल्ली: आईटी शेयरों में भारी बिकवाली के कारण आज शेयर मार्केट में गिरावट आई। निफ्टी आईटी इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 4 फीसदी से अधिक गिरकर 4 महीने के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। टीसीएस, इन्फोसिस और विप्रो जैसी कंपनियों के शेयरों में 4 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई। इससे आईटी कंपनियों की कंबाइंड मार्केट


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 12, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    नई दिल्ली: आईटी शेयरों में भारी बिकवाली के कारण आज शेयर मार्केट में गिरावट आई। निफ्टी आईटी इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 4 फीसदी से अधिक गिरकर 4 महीने के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। टीसीएस, इन्फोसिस और विप्रो जैसी कंपनियों के शेयरों में 4 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई। इससे आईटी कंपनियों की कंबाइंड मार्केट वैल्यू में 1.3 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई। एआई के कारण आईटी कंपनियों को नुकसान होने की आशंका के कारण ऐसा हुआ। अमेरिका में रोजगार के आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहने के कारण निकट भविष्य में रेट कट की उम्मीदें धूमिल हुई हैं। इससे भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।

    देश की सबसे वैल्यूएबल आईटी कंपनी टीसीएस का शेयर बीएसई पर 4.5 फीसदी से ज्यादा गिरावट के साथ 2,776 रुपये पर आ गया जो इसका 52 हफ्ते का न्यूनतम स्तर है। इसके साथ ही कंपनी का मार्केट कैप भी 10 लाख करोड़ रुपये से नीचे आ गया। इन्फोसिस, एचसीएल टेक, एमफेसिस और विप्रो के शेयरों में भी 4 से 5 फीसदी तक गिरावट आई। इससे सभी आईटी शेयरों का मार्केट कैप 1.3 लाख करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 27.6 लाख करोड़ रुपये रह गया।

    ₹1.9 लाख करोड़ स्वाहा! आईटी शेयरों का कत्लेआम, अमेरिका से डील के बावजूद क्यों आई गिरावट?

    क्यों आ रही है गिरावट?

    जियोजित इनवेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि टेक स्टॉक एंथ्रोपिक के कारण सदमे में हैं और उन्हें उबरने में अभी समय लगेगा। भारत में आईटी कंपनियों की परेशानी फिलहाल जारी रहेगी। निवेशक आईटी से दूसरे सेक्टर में स्विच कर सकते हैं। हाल में अमेरिका की आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस स्टार्टअप एंथ्रोपिक ने एक टूल जारी किया था जो कई तरह के काम कर सकता है। इससे आईटी सर्विसेज देने वाली कंपनियों के रेवेन्यू के प्रभावित होने की आशंका है।

    कुछ एनालिस्ट्स का कहना है कि आईटी कंपनियों के रेवेन्यू में 40 फीसदी तक गिरावट आ सकती है। मार्जिन प्रेशर और सुस्त मांग से जूझ रही आईटी इंडस्ट्री के लिए एंथ्रोपिक का टूल मुसीबत लेकर आया है। निवेशकों में घबराहट में आईटी शेयरों को बेचना शुरू कर दिया है। सवाल यह है कि क्या परंपरागत आईटी सर्विसेज कंपनियां एआई का मुकाबला कर पाएंगी?

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।