टाइप 09V पनडुब्बी को जानें
नेवल न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, सेंटिनल-2 L2A से मिली 9 फरवरी की सैटेलाइट इमेजरी में टाइप 09V पनडुब्बी हुलुडाओ लॉन्च बे में नजर आई है। इसकी कुल लंबाई लगभग 110-115 मीटर है। यह आंकड़ा पिछले टाइप 09III SSN से बहुत अलग नहीं है। हालांकि, पुरानी पनडुब्बियों के मुकाबले नया डिजाइन काफी चौड़ा है। इसकी अनुमानित बीम 12 से 13 मीटर है। इस डाइमेंशन के कारण अंदाजा लगाया जा रहा है कि चीन की नई पनडुब्बी का डिस्प्लेसमेंट 9,000 से 10,000 टन होगा।
टाइप 09V पनडुब्बी खतरनाक क्यों
रिपोर्ट में बताया गया है कि टाइप 09V पनडुब्बी में बहुत बड़े कंट्रोल सरफेस के साथ एक खास X-टेल रडर अरेंजमेंट है। यह कॉन्फिगरेशन चीनी न्यूक्लियर पावर्ड सबमरीन के लिए पहली बार है। यह 2024 में वुहान में वुचांग शिपबिल्डिंग में एक अलग नए और छोटे डिजाइन पर पहले देखे गए अरेंजमेंट जैसा ही है, जिसे अमेरिकी अधिकारियों और पश्चिमी मीडिया ने “टाइप 041” या “झोउ-क्लास” कहा था।
टाइप 095 पनडुब्बी के मुख्य हथियार
सैटेलाइट इमेजरी में टाइप 095 पनडुब्बी में एक पीछे एक अधूरा खुला कम्पार्टमेंट नजर आया। अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह शायद एंटी शिप और लैंड-अटैक क्रूज मिसाइलों के लिए एक वर्टिकल लॉन्च सिस्टम (VLS) है। यह चीन के पिछले टाइप 09IIIB पनडु्ब्बी जैसा है। टाइप 09IIIB पनडु्ब्बी में लॉन्ग रेंज एंटी शिप मिसाइल (AShM) और लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (LACM) के लिए तीन-तीन अरेंजमेंट में 18 लॉन्चर लगे नजर आए थे। यह भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि चीन टाइप 095 पनडुब्बी में पीछे के खुली जगह में रिएक्टर कम्पार्टमेंट पर काम कर रहा है।
भारत और अमेरिका को खतरा क्यों?
चीन की नजर में एशिया में भारत और दुनिया में अमेरिका ही दो मात्र ऐसे देश हैं, जो उसकी सैन्य क्षमता को चुनौती दे सकते हैं। ऐसे में चीन तेजी से इन देशों के खिलाफ अपनी सैन्य क्षमता को बढ़ा रहा है। माना जा रहा है कि चीन की यह नई परमाणु पनडुब्बी टाइप 09V चीन की इस मिशन में बड़ी भूमिका निभा सकती है। टाइप 09V पनडुब्बी प्रशांत महासागर से लेकर हिंद महासागर तक गश्त कर सकती है। परमाणु शक्ति संचालित होने के कारण यह लंबी दूरी के मिशन को आसनी से अंजाम दे सकती है।













