हेरोप ड्रोन की क्षमताएं
हारोप एक सुसाइड ड्रोन है जिसमें कई शानदार क्षमताएं हैं। हेरोप की रेंज 200 किलोमीटर है। यह ड्रोन नौ घंटे तक उड़ान भर सकता है। हेरोप ड्रोन 15,000 फ़ीट की ऊंचाई पर 225 नॉट्स की मैक्सिमम स्पीड पर उड़ान भर सकता है। यह ड्रोन लगभग 16 किलोग्राम एक्सप्लोसिव के साथ बहुत सटीकता के साथ लक्ष्य पर वर्टिकल या हॉरिजॉन्टल एंगल से हमला कर सकता है। इसके हमले से लक्ष्य का बचना लगभग नामुमकिन माना जाता है।
हेरोप ड्रोन से इतना डरा क्यों है अजरबैजान
2020 के दूसरे नागोर्नो-काराबख युद्ध में अजरबैजान ने आर्मेनिया के खिलाफ हेरोप ड्रोन का जबरदस्त इस्तेमाल किया था। इस ड्रोन ने आर्मेनिया ने जबरदस्त तबाही मचाई थी। हेरोप ड्रोन इस युद्ध में अजरबैजान की जबरदस्त जीत की निशानी बन गया था। युद्ध के मैदान में इसके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए अजरबैजानी राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने इजरायली हथियारों के प्रति अपना लगाव दिखाने के लिए इसी ड्रोन के साथ अपनी एक तस्वीर खींची थी।
हेरोप ड्रोन भारतीय सेना में ऑपरेशन
भारत ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी के तहत इजरायली हेरोप ड्रोन का निर्माण करता है। हेरोप ड्रोन भारतीय सेना में ऑपरेशनल है और इसका इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किया गया था। अक्तूबर 2025 में अर्मेनियाई कंपनी डावारो ने ड्रैगनफ्लाई 3 सुसाइड ड्रोन पेश किया, जो हेरोप ड्रोन की कॉपी लगता है। चंद हफ्ते पहले आर्मेनिया के दौरे पर गए एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इस ड्रोन को करीब से देखा था।
ड्रैगनफ्लाई 3 ड्रोन की ताकत जानें
ड्रैगनफ्लाई 3 ड्रोन के पंखों का फैलाव 3,000 मिलीमीटर है, इसका मैक्सिमम टेक-ऑफ वेट 42 किलोग्राम है और इसका पेलोड 5 किलोग्राम है। डावारो के अनुसार, ड्रोन एक घंटे तक हवा में रह सकता है, 126 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है, और 120 किलोमीटर तक की रेंज में काम कर सकता है।













