• Religion
  • MahaShivratri 2026 : महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ लेंगे भक्तों की चतुर्दिक परीक्षा, बन गया है लगातार चार दिनों के व्रत का दुर्लभ संयोग

    महाशिवरात्रि पर अबकी बार ऐसा संयोग बना है कि शिव भक्तों को एक नहीं 4 दिनों का व्रत करना पड़ सकता है। आपको बता दें कि पंचांग की गणना के अनुसार अबकी बार फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को है इसलिए महाशिवरात्रि का व्रत पूजन इसी दिन किया जाएगा। लेकिन शिव भक्तों के लिए


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 13, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    महाशिवरात्रि पर अबकी बार ऐसा संयोग बना है कि शिव भक्तों को एक नहीं 4 दिनों का व्रत करना पड़ सकता है। आपको बता दें कि पंचांग की गणना के अनुसार अबकी बार फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को है इसलिए महाशिवरात्रि का व्रत पूजन इसी दिन किया जाएगा। लेकिन शिव भक्तों के लिए अबकी बार महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ ने ऐसा संयोग बना है कि, शिव भक्तों को 4 दिनों का व्रत करना पड़ सकता है। जिसकी शुरुआत 13 फरवरी से हो रहा है। आइए बता दें कि क्योंकि अबकी बार 4 दिनों का व्रत लगातार हो सकता और किन-किन लोगों को अबकी बार महाशिवरात्रि पर लंबा व्रत रखना पड़ सकता है।

    13 फरवरी को पहला व्रत

    महाशिवरात्रि से पहले 13 फरवरी को शुक्रवार है और इस दिन विजया एकादशी का संयोग बना है। और साथ ही शुक्रवार होने से वैभव लक्ष्मी व्रत का भी संयोग बन गया है। ऐसे में जो श्रद्धालु भक्त एकादशी और वैभव लक्ष्मी का व्रत रखते हैं उनका पहला व्रत 13 फरवरी को हो जाएगा।

    14 फरवरी को प्रदोष व्रत का संयोग
    महाशिवरात्रि से पहले 14 फरवरी को शनि प्रदोष व्रत का संयोग बन गया है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित व्रत है। इस व्रत से शनि महाराज भी प्रसन्न होते हैं और शनि प्रदोष व्रत रखने वाले व्रतियों को अपनी दशा अंतर्दशा में परेशान नहीं करते हैं। कई शिव भक्त प्रदोष व्रत का भी पालन करते हैं। ऐसे में जो लोग शुक्रवार व्रत, एकादशी व्रत एवं प्रदोष व्रत रखते हैं उनके लिए शनि प्रदोष दूसरे दिन का व्रत होगा।

    15 फरवरी को महाशिवरात्रि का महापर्व
    15 फरवरी रविवार को महाशिवरात्रि का महाव्रत है। जो इस हफ्ते का सबसे प्रमुख व्रत है। इस दिन शिव भक्तों को महादेव की महापूजा का अवसर प्राप्त होगा। इस दिन चार प्रहर की पूजा और रुद्राभिषेक का बड़ा ही महत्व है। जो भक्त एकादशी,वैभव लक्ष्मी, प्रदोष और महाशिवरात्रि का व्रत रखते हैं उनके लिए 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का व्रत तीसरा व्रत होगा।

    16 फरवरी को सोमवती अमावस्या

    दैवयोग से ऐसा संयोग बना है कि महाशिवरात्रि के अगले दिन यानी 16 फरवरी को सोमवती अमावस्या का भी संयोग बन गया है जो भगवान शिव को ही समर्पित है। ऐसे में जो सुहागन सोमवती अमावस्या का व्रत रखती हैं उनके लिए महाशिवरात्रि के अगले दिन का व्रत भी रहेगा। ऐसे में महाशिवरात्रि व्रत अबकी बार 4 दिनों के व्रत का संयोग बना रहा है। दरअसल 16 फरवरी को सोमवार है और शाम के समय अमावस्या तिथि का कुछ समय के लिए स्पर्श हो गया है। इसलिए इस दिन सोमवती अमावस्या का संयोग बना है।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।