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  • 1200Km दूर से 4 मरीजों का सफल ऑपरेशन, 5G और टेली रोबोटिक तकनीक ने मिटाई दिल्‍ली-गुजरात की दूरी

    मेडिकल तकनीक की दिशा में एक पॉजिटिव खबर है। मरीज की सर्जरी के लिए अब सर्जन को ऑपरेशन थियेटर (OT) में रहना जरूरी नहीं है। वो कहीं से भी सर्जरी कर सकते हैं। इसके लिए टेली रोबोटिक तकनीक और 5G इंटरनेट की सुविधा जरूरी है। कुछ ऐसी ही स्थिति में एक साथ, चार-चार सर्जरी को


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 13, 2026
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    मेडिकल तकनीक की दिशा में एक पॉजिटिव खबर है। मरीज की सर्जरी के लिए अब सर्जन को ऑपरेशन थियेटर (OT) में रहना जरूरी नहीं है। वो कहीं से भी सर्जरी कर सकते हैं। इसके लिए टेली रोबोटिक तकनीक और 5G इंटरनेट की सुविधा जरूरी है। कुछ ऐसी ही स्थिति में एक साथ, चार-चार सर्जरी को अंजाम दिया गया। मरीज गंगाराम अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर (OT) के अंदर था और सर्जरी के लिए सारे इंस्ट्रूमेंट्स लगा दिए गए थे। लेकिन ऑपरेशन करने वाले सर्जन ही ऑपरेशन थियेटर में नहीं थे। वो गुजरात के वापी शहर में थे और वहां से ही टेली रोबोटिक तकनीक के जरिए सर्जरी को अंजाम दे रहे थे। 1200 किलोमीटर दूर से चार सर्जनों ने चार सर्जरी को सफल बनाकर, भविष्य को एक नई उम्मीद दी है कि तकनीक उपलब्ध हो तो एक्सपर्ट की कमी को पूरा किया जा सकता है।

    टेली रोबोटिक सर्जरी के फायदे

    दरअसल, गंगाराम अस्पताल ने टेली रोबोटिक सर्जरी की दिशा में यह कदम बढ़या और गुजरात से सर्जन ने दिल्ली के अस्पताल के मरीजों की सर्जरी की। इस बारे में रोबोटिक सर्विसेज के कोऑर्डिनेटर डॉक्टर विपीन त्यागी ने बताया कि रोबोट की मदद से सर्जरी सालों से की जा रही है, लेकिन कई बार एक्सपर्ट की कमी होती है, समय पर सर्जन उपलब्ध नहीं होते हैं। ऐसी स्थिति में टेली रोबोटिक सर्जरी कारगर हो सकता है। चूंकि रोबोट में दो पार्ट होता है, जिसमें एक इंस्ट्रूमेंट होता है जो सर्जरी के लिए मरीज की बॉडी में लगाए जाते हैं और दूसरा पार्ट कंसोल होता है, जिसकी मदद से सर्जन, ऑपरेशन को संचालित करता है। आमतौर पर दोनों पार्ट ऑपरेशन थियेटर में होता है।

    भविष्‍य में मिलेगी तकनीक की मदद: डॉक्‍टर

    डॉक्टर विपीन ने बताया कि इस मामले में कंसोल वाला पार्ट गुजरात के वापी शहर में था, जो दिल्ली से 1200 किलोमीटर दूर था। डॉक्टर विपीन ने बताया कि पहली सर्जरी मैंने की जो किडनी की रूकावट की थी। दूसरी सर्जरी डॉक्टर तरुण मित्तल ने गॉल ब्लैडर की, डॉक्टर अनमोल आहूजा ने हर्निया की सर्जरी की और चौथी सर्जरी डॉक्टर मुकुंद खेतान ने गॉल ब्लैडर की सर्जरी की। चारों सर्जन ने सर्जरी को गुजरात से ही किया। उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में काफी मदद मिलेगी, अगर छोटे शहर में भी तकनीक हो तो इस प्रकार की सर्जरी संभव है।

    हाईस्‍पीड इंटरनेट हो तो मुमकिन है

    हालांकि, डॉक्टर विपीन कहा कि मरीजों का हित सबसे ऊपर है, इसलिए इस सर्जरी के दौरान हमारे बेस्ट एक्सपर्ट ऑपरेशन थियेटर में मौजूद थे, ताकि किसी भी अड़चन को तुरंत दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि अब ऐसा समय आ गया है कि अगर तकनीक के साथ बेस्ट इंटरनेट की सुविधा हो तो इस प्रकार की सर्जरी को अंजाम दिया जा सकता है, यह मरीजों के हित में है। डॉक्टर का दावा है कि इस प्रकार की पहल पहली बार की गई है।

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