पिछले 8 दिन में इन्फोसिस के शेयरों में 21 फीसदी गिरावट आई है जबकि टीसीएस का शेयर 19 फीसदी, एचसीएल टेक का 17 फीसदी और विप्रो तथा टेक महिंद्रा का शेयर 13 फीसदी गिरा है। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस का शेयर पिछले साल अगस्त के अपने ऑल-टाइम हाई लेवल से 44 फीसदी गिर चुका है। इससे कंपनी का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपये से कम रह गया है। इससे पहले टीसीएस 2020 में इस स्तर पर थी। आज के कारोबार में इन्फोसिस का शेयर 7 फीसदी गिरा जबकि टीसीएस, एचसीएल टेक और विप्रो में 4 से 5 फीसदी गिरावट रही।
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क्यों आई गिरावट?
अमेरिका की एआई डेवलपर कंपनी Anthropic ने कुछ दिन पहले अपने नए टूल Claude 4.6 और Cowork लॉन्च किए थे। माना जा रहा है कि ये परंपरागत आईटी कंपनियों के लिए काल बन सकते हैं। जियोजित इनवेस्टमेंट में शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि एआई से भारत की आईटी सर्विसेज इंडस्ट्री में स्ट्रक्चरल शिफ्ट हो रहा है। इससे आने वाले दिनों में कंपनियों के रेवेन्यू पर असर पड़ सकता है। इससे छंटनी की आशंका बढ़ रही है। यानी आने वाले दिनों में आईटी इंडस्ट्री की समस्या और बढ़ सकती है।
मास्टर कैपिटल सर्विसेज में चीफ रिसर्च ऑफिसर डॉ. रवि सिंह ने कहा कि आईटी सेक्टर स्ट्रक्चरल बदलाव का सामना कर रहा है जिससे शेयरों में दबाव बना रह सकता है। अमेरिका में भी टेक शेयरों में गिरावट आई है। साथ ही अमेरिका और यूरोप में क्लाइंट आईटी पर खर्च करने को लेकर सतर्क हो गए हैं। इन सबका असर आईटी कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिल रहा है। हालांकि उन्होंने कहा कि निवेशकों को घबराहट में बिकवाली से बचना चाहिए।













