उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार का बयान
उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने विधान सौधा में पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘युवाओं और क्रिकेट के हित में सरकार ने चिन्नास्वामी स्टेडियम में आगे मैच आयोजित करने की अनुमति देने का निर्णय लिया है।’ उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अनुमति कड़ी शर्तों के साथ दी गई है। इनमें स्वीकृत क्षमता तक ही टिकटों की बिक्री, भीड़ नियंत्रण के लिए बड़े गेटों की स्थापना, एंबुलेंस की तैनाती सहित जस्टिस माइकल डी’कुन्हा आयोग की सिफारिशों के अनुरूप सभी सुरक्षा उपायों को लागू करना शामिल है।
शिवकुमार ने कहा, ‘यह क्रिकेट प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। पिछले कुछ दिनों में हुई असुविधा और निराशा के लिए खेद है। हमने एक प्रतिष्ठित टूर्नामेंट खो दिया है। भविष्य में हमें सतर्क रहना होगा।’
राज्य सरकार की हुई थी केएससीए और आरसीबी के साथ मीटिंग
इससे पहले दिन में राज्य सरकार ने कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए), आरसीबी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक की अध्यक्षता गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने की। इसमें अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) तुषार गिरिनाथ, डीजीपी एम.ए. सलीम, ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) आयुक्त महेश्वर राव, गृह सचिव के.वी. शरथ चंद्र, बेंगलुरु सिटी पुलिस आयुक्त बी. दयानंद, केएससीए अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के बाद परमेश्वर ने बताया कि भगदड़ की जांच के लिए गठित सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति माइकल डी’कुन्हा आयोग की प्रमुख सिफारिशों को लागू करने पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा, हमने केएससीए और आरसीबी को प्रमुख सिफारिशें लागू करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कई बिंदुओं पर अनुपालन शुरू कर दिया है।’
उन्होंने बताया कि कुछ सिफारिशें बुनियादी ढांचे से जुड़ी हैं, जैसे गेट, वॉकवे और होल्डिंग एरिया का उन्नयन, जबकि कुछ तत्काल उपायों से संबंधित हैं, जिनमें एंबुलेंस, डॉक्टर और ट्रायेज सुविधाएं शामिल हैं। परंपरा के अनुसार आईपीएल सीजन का उद्घाटन मैच मौजूदा चैंपियन के घरेलू मैदान पर होता है। चूंकि आरसीबी ने खिताब जीता था, इसलिए उद्घाटन मैच चिन्नास्वामी स्टेडियम में प्रस्तावित है, जिसके लिए सरकार से अनुमति मांगी गई थी।
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में जिम्मेदारी आयोजनकर्ताओं केएससीए और आरसीबी की होगी।














