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  • IT शेयरों को लहूलुहान करने वाली कंपनी को मिला दुनिया के सबसे ताकतवर इंसान का साथ

    नई दिल्ली: अमेरिका की एआई डेवलपर कंपनी Anthropic ने $30 अरब डॉलर जुटाए हैं। इसके साथ ही उसकी वैल्यूएशन 380 अरब डॉलर पहुंच गई है। कंपनी का कहना है कि उसका सालाना रेवेन्यू रन रेट 14 अरब डॉलर पहुंच चुका है। यह वही कंपनी है जिसके एआई टूल ने दुनिया भर की टेक कंपनियों की


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    By Azad Hind Desk फरवरी 13, 2026
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    नई दिल्ली: अमेरिका की एआई डेवलपर कंपनी Anthropic ने $30 अरब डॉलर जुटाए हैं। इसके साथ ही उसकी वैल्यूएशन 380 अरब डॉलर पहुंच गई है। कंपनी का कहना है कि उसका सालाना रेवेन्यू रन रेट 14 अरब डॉलर पहुंच चुका है। यह वही कंपनी है जिसके एआई टूल ने दुनिया भर की टेक कंपनियों की नींद उड़ा रखी है। इसके कारण भारत की आईटी कंपनियों के शेयरों में पिछले आठ दिनों में भारी गिरावट आई है और उनका मार्केट कैप करीब 6 लाख करोड़ रुपये गिर चुका है।

    Anthropic ने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया कि ताजा फंडिंग राउंड में GIC और Coatue ने सबसे ज्यादा निवेश किया। साथ ही डीई शॉ वेंचर्स, Dragoneer, फाउंडरर्स फंड, ICONIQ और एमजीएक्स ने भी इसमें हिस्सा लिया। इसके अलावा सिकोया कैपिटल, एक्सल, ब्लैकरॉक, सिंगापुर सरकार की कंपनी Temasek, कतर इनवेस्टमेंट अथॉरिटी, टीपीजी, एनवीडिया और माइक्रोसॉफ्ट ने भी कंपनी में निवेश किया है। ब्लैकरॉक दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है जिसके फाउंडर लैरी फिंक को दुनिया का सबसे ताकतवर शख्स माना जाता है।

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    तेजी से बढ़ रहे ग्राहक

    एआई कंपनी का कहना है कि लगातार तीसरे साल उनकी वैल्यू सालाना 10 गुना बढ़ी है। पिछले एक साल में 1 लाख डॉलर से ज्यादा खर्च करने वाले ग्राहकों की संख्या 7 गुना बढ़ी है। इसी तरह सालाना 10 लाख डॉलर से ज्यादा खर्च करने वाले ग्राहकों की संख्या 500 पहुंच गई है जो दो साल पहले 12 थी। कंपनी का दावा है कि फॉर्च्यून 10 में से 8 कंपनियां उसका एआई प्लेटफॉर्म Claude यूज करती हैं। कंपनी का कहना है कि उसकी ग्रोथ में सबसे अहम भूमिका Claude Code की है।

    Anthropic ने जनवरी में 30 से ज्यादा प्रोडक्ट्स लॉन्च किए थे जिनमें Cowork भी शामिल है। इससे Claude की क्षमता कोडिंग से बढ़कर सेल्स और फाइनेंस तक पहुंच गई है। माना जा रहा है कि यह परंपरागत आईटी कंपनियों को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों से आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई है।

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