इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि इस व्यापार समझौते ने कृषि आयात के लिए दरवाजा खोल दिया है और जल्द ही कई अन्य फसलें भी इसकी चपेट में आ सकती हैं। कांग्रेस के अनुसार किसान संगठनों के नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध जताया और मक्का, सोयाबीन, कपास, फलों और मेवों की खेती करने वाले किसानों की आजीविका को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की।
किसान नेताओं और राहुल गांधी ने इस समझौते का विरोध करने और किसानों और खेतिहर मजदूरों की आजीविका की रक्षा के लिए एक बड़े राष्ट्रीय आंदोलन की आवश्यकता पर चर्चा की। राहुल गांधी के साथ बैठक में अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के नेता सुखपाल सिंह खैरा, भारतीय किसान मजदूर यूनियन ( हरियाणा) के नेता एडवोकेट अशोक बलहारा, भारतीय किसान यूनियन (क्रांतिकारी) के नेता बलदेव एस. जीरा, आम किसान यूनियन के केदार सिरोही, किसान मजदूर मोर्चा (इंडिया) के गुरमनीत एस मंगत समेत कुछ अन्य संगठनों के नेता भी शामिल हुए।
एक दिन पहले ही कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर देश और किसानों को अमेरिका के हाथों बेचने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार उनके खिलाफ चाहे मुकदमा दर्ज करवाए या विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाए, वह किसानों की लड़ाई लड़ते रहेंगे। राहुल गांधी ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि एफआईआर हो या विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएं, मैं किसानों के लिए लड़ूंगा।













