• National
  • ‘अधिकार जताने नहीं आए, जिम्मेदारी निभाने आए हैं’, सेवा तीर्थ से पीएम मोदी की 5 बड़ी बातें

    नई दिल्ली: हम सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन 1 और 2 में विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के संकल्प के साथ प्रवेश कर रहे हैं… प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ‘सेवा तीर्थ’ से अपनी पहली स्पीच के दौरान यह बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि इस बदलाव के


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 13, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    नई दिल्ली: हम सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन 1 और 2 में विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के संकल्प के साथ प्रवेश कर रहे हैं… प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ‘सेवा तीर्थ’ से अपनी पहली स्पीच के दौरान यह बात कही।

    पीएम मोदी ने कहा कि इस बदलाव के बीच निश्चित तौर पर पुराने भवन में बिताए गए वर्षों की स्मृतियां हमारे साथ रहेंगी। अलग-अलग समय पर वहां से कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए, वहां से देश को नई दिशा मिली है। वह परिसर, वह इमारत भारत के इतिहास का अमर हिस्सा है इसलिए हमने उस भवन को देश के लिए समर्पित म्यूजियम बनाने का फैसला किया है।

    साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि ‘सेवा तीर्थ’ में काम करने वाले हर कर्मचारी और अधिकारी को दिल में यह भाव रखना होगा कि ‘हम अधिकार जताने नहीं आए, जिम्मेदारी निभाने आए हैं’, जानें सेवा तीर्थ से पीएम मोदी की पहली स्पीच की 5 बड़ी बातें-

    1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आज हम सभी एक नए इतिहास को बनते देख रहे हैं। आज विक्रम संवत् 2082, फाल्गुन कृष्ण पक्ष, विजया एकादशी का महत्वपूर्ण शुभ दिन है, 13 फरवरी का यह दिन भारत की विकास यात्रा में एक नए आरंभ का साक्षी बन रहा है। हमारे शास्त्रों में विजया एकादशी का बहुत महत्व रहा है, इस दिन जिस संकल्प के साथ बढ़ते हैं उसमें विजय जरूर प्राप्त होती है। आज हम सभी भी सेवा तीर्थ में विकसित भारत के लक्ष्य के साथ प्रवेश कर रहे हैं।’
    2. पीएम मोदी ने कहा, ‘आजादी के बाद साउथ ब्लॉक, नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतों से देश के लिए अनेक निर्णय, नीतियां बनी लेकिन यह भी सच है कि ये इमारतें ब्रिटिश साम्राज्य के प्रतीक के तौर पर बनाई गई थी। इन इमारतों को बनाने का मकसद भारत को गुलामी की जंजीरों में जकड़े रखना था।’
    3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतें जहां ब्रिटिश हुकूमत की सोच को लागू करने के लिए बनी थी। वहीं, आज मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन जैसे नए परिसर भारत की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बने हैं। यहां से जो फैसले होंगे वह किसी महाराजा की सोच को नहीं 140 करोड़ देशवासियों की सोच को आगे बढ़ाने का आधार बनेंगे।’
    4. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘2014 में देश ने तय किया कि गुलामी की मानसिकता अब और नहीं चलेगी। हमने गुलामी की इस मानसिकता को बदलने का अभियान शुरू किया, हमने वीरों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल बनाया। हमने पुलिस की वीरता को सम्मान देने के लिए पुलिस स्मारक बनाया। रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग रखा गया। यह सिर्फ नाम बदलना नहीं था, यह सत्ता के मिजाज़ को सेवा की भावना में बदलने का पवित्र प्रयास था।’
    5. दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आज जब भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है, आज जब भारत अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की नई गाथा लिख रहा है, आज जब भारत नए-नए ट्रेड समझौते कर संभावनाओं के नए दरवाज़े खुल रहे हैं, जब देश संतृप्ति के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है तो सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवनों में आप सबके काम की नई गति और आपका नया आत्मविश्वास देश के लक्ष्यों को प्राप्त करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा।’
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।