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  • असीम मुनीर ने बांग्‍लादेशी सेना का पाकिस्‍तान में किया दिल खोलकर स्‍वागत, भारत के लिए थ्री फ्रंट वॉर का खतरा?

    इस्‍लामाबाद: शेख हसीना के जाने के बाद पाकिस्‍तान और बांग्‍लादेशी सेना के बीच दोस्‍ती मजबूत होती जा रही है। बांग्‍लदेशी सेना के शीर्ष अधिकारियों के बाद अब बांग्‍लादेश के सैनिकों का एक बड़ा जत्‍था पिछले दिनों पाकिस्‍तान पहुंचा। पाकिस्‍तान के फील्‍ड मार्शल असीम मुनीर ने बांग्‍लादेशी सैनिकों का दिल खोलकर स्‍वागत किया है। पाकिस्‍तानी सेना


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    By Azad Hind Desk फरवरी 14, 2026
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    इस्‍लामाबाद: शेख हसीना के जाने के बाद पाकिस्‍तान और बांग्‍लादेशी सेना के बीच दोस्‍ती मजबूत होती जा रही है। बांग्‍लदेशी सेना के शीर्ष अधिकारियों के बाद अब बांग्‍लादेश के सैनिकों का एक बड़ा जत्‍था पिछले दिनों पाकिस्‍तान पहुंचा। पाकिस्‍तान के फील्‍ड मार्शल असीम मुनीर ने बांग्‍लादेशी सैनिकों का दिल खोलकर स्‍वागत किया है। पाकिस्‍तानी सेना बांग्‍लादेश के अंदर आए इस बदलाव को एक बड़े मौके के रूप में देख रही है और उसके निशाने पर भारत है। पाकिस्‍तानी सेना साल 1971 की हार का बदला लेना चाहती है। पाकिस्‍तानी सेना ने देश में हुए एक मल्‍टीनैशनल युद्धाभ्‍यास के खत्‍म होने की तस्‍वीर जारी की है। इसमें मौजूद एक तस्‍वीर की पाकिस्‍तान के रणनीतिक हलकों में काफी चर्चा है। इस तस्‍वीर में असीम मुनीर बांग्‍लादेशी सेना के जवानों से बहुत गर्मजोशी से मुलाकात कर रहे हैं।

    पाकिस्‍तानी पत्रकार और विदेशी मामलों के एक्‍सपर्ट कामरान यूसुफ एक्‍सप्रेस ट्रिब्‍यून में लिखे अपने लेख में कहते हैं कि यह तस्‍वीर भले ही सांकेतिक हो लेकिन दोनों ही देशों के रिश्‍ते में आ रहे बदलाव को दिखा रही है। बांग्‍लादेश और पाकिस्‍तान के बीच 2 सप्‍ताह पहले ही 14 साल बाद सीधी उड़ान शुरू हुई है। पिछले साल पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने ढाका का दौरा किया था। करीब 13 साल बाद किसी पाकिस्‍तानी विदेश मंत्री की यह ढाका यात्रा थी। इसके बाद से दोनों देशों के बीच कई सैन्‍य अधिकारियों और नेताओं का आना जाना हुआ।

    शेख हसीना के जाने के पाकिस्‍तान को दिख रहा मौका

    पाकिस्‍तानी पीएम शहबाज शरीफ ने कई बार मोहम्‍मद यूनुस से मुलाकात की है। पाकिस्‍तान को करीब 15 साल बाद बड़ा मौका दिख रहा है। शेख हसीना के शासन काल के दौरान पाकिस्‍तान के साथ उनके रिश्‍ते रसातल में चले गए थे। शेख हसीना लगातार पाकिस्‍तान से मांग कर रही थीं कि वह 1971 के अपराधों के लिए माफी मांगे। शेख हसीना ने भारत के साथ रिश्‍ते को तरजीह दी थी। अब शेख हसीना के जाने के बाद पाकिस्‍तान और बांग्‍लादेश के बीच रिश्‍ते में काफी गर्मजोशी देखी जा रही है।

    शेख हसीना के छात्रों पर ऐक्‍शन और उनको भारत में शरण दिए जाने पर कई बांग्‍लादेशी नाराज हैं, जिनका वहां के विपक्षी दल और पाकिस्‍तान फायदा उठा रहा है। तारिक रहमान की पार्टी बीएनपी ने बांग्‍लादेश चुनाव में बंपर जीत के बाद कहा है कि वह भारत से शेख हसीना को वापस भेजने के लिए कहेगी। इससे पहले मोहम्‍मद यूनुस सरकार ने भी भारत से मांग की थी कि वह शेख हसीना को सौंप दे। भारत ने इसे खारिज कर दिया था। यही नहीं मोहम्‍मद यूनुस ने पाकिस्‍तानी राजनयिकों पर लगे प्रतिबंधों को खत्‍म कर दिया और वीजा में छूट दे दी। दोनों के बीच अब सैन्‍य संबंध भी बढ़ रहा है।

    भारत के खिलाफ थ्री फ्रंट वार की तैयारी ?

    पाकिस्‍तानी मीडिया का दावा है कि बांग्‍लादेश पाकिस्‍तान से जेएफ-17 फाइटर जेट खरीद सकता है। पाकिस्‍तानी विश्‍लेषक कामरान का कहना है कि तारिक रहमान भारत विरोधी या पाकिस्‍तान विरोधी नीति अपनाएंगे, इसकी आशंका बहुत कम है। कई एक्‍सपर्ट का कहना है कि बांग्‍लादेश का आर्थिक विकास और रणनीतिक लोकेशन एक व्‍यवहारिक विदेश नीति की मांग करता है। उधर, पाकिस्‍तानी नेता और सैन्‍य लीडरशिप अब भारत को धमकी दे रहा है कि पूर्वी मोर्चे से अब भारत के ऑपरेशन सिंदूर का जवाब दिया जाएगा। उनका इशारा बांग्‍लादेश की ओर है।

    इससे भारत के खिलाफ थ्री फ्रंट वार यानि पाकिस्‍तान, चीन और बांग्‍लादेश की तैयारी तेज हो गई है। बांग्‍लादेशी कट्टरपंथी नेता भी नार्थ ईस्‍ट इंडिया को काटने की गीदड़भभकी दे रहे हैं। पाकिस्‍तानी सेना बांग्‍लादेश के जमात से जुड़े इस्‍लामिक कट्टरपंथियों के साथ रिश्‍ते को मजबूत करने में जुट गई है जो भारत विरोधी रुख रखते हैं। ऐसी भी खबरें आई हैं कि पाकिस्‍तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई रोहिंग्‍या मुस्लिमों को ट्रेनिंग दे रही है ताकि म्‍यांमार में अराकान आर्मी को रखाइन प्रांत में हराया जा सके। हालांकि बांग्‍लादेशी सेना के प्रमुख ने हाल ही में खुलकर यह बयान दिया था कि वह भारत के खिलाफ कोई काम नहीं करेंगे।

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