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  • बल्ले से ‘तांडव’ मचाने के बाद अब परीक्षा की बारी! 14 साल के वैभव सूर्यवंशी देंगे 10वीं की बोर्ड परीक्षा, नहीं मिलेगा कोई स्पेशल ट्रीटमेंट

    नई दिल्ली: अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में अपनी आतिशी बल्लेबाजी से भारत को छठा विश्व खिताब दिलाने वाले वैभव सूर्यवंशी अब क्रिकेट के मैदान की चकाचौंध को पीछे छोड़कर एक सामान्य छात्र के रूप में अपनी अकादमिक पारी शुरू करने जा रहे हैं। 14 साल का यह उभरता हुआ सितारा 17 फरवरी से अपनी कक्षा


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    By Azad Hind Desk फरवरी 14, 2026
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    नई दिल्ली: अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में अपनी आतिशी बल्लेबाजी से भारत को छठा विश्व खिताब दिलाने वाले वैभव सूर्यवंशी अब क्रिकेट के मैदान की चकाचौंध को पीछे छोड़कर एक सामान्य छात्र के रूप में अपनी अकादमिक पारी शुरू करने जा रहे हैं। 14 साल का यह उभरता हुआ सितारा 17 फरवरी से अपनी कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होगा।

    क्रिकेट की पिच के बाद अब बोर्ड परीक्षा की चुनौती

    समस्तीपुर के पोदार इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल नील किशोर ने वैभव की परीक्षा में शामिल होने की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें एडमिट कार्ड जारी कर दिया गया है। स्कूल प्रशासन ने साफ किया है कि भले ही वैभव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है, लेकिन परीक्षा केंद्र पर उन्हें कोई विशेष रियायत नहीं दी जाएगी। वैभव के लिए सुरक्षा और सुविधाएं वही रहेंगी जो एक सामान्य छात्र के लिए होती हैं, क्योंकि यह एक अकादमिक पिच है।

    वर्ल्ड कप फाइनल में 175 रनों का ऐतिहासिक धमाका

    वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के हरारे में खेले गए अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ मात्र 80 गेंदों पर 175 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली थी। अपनी इस पारी में उन्होंने 15 चौके और 15 छक्के जड़कर एक पारी में सर्वाधिक छक्कों का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में कुल 30 छक्के लगाकर दक्षिण अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस का रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिया। वह टूर्नामेंट में 439 रनों के साथ दूसरे सबसे सफल बल्लेबाज रहे।

    IPL और घरेलू क्रिकेट में भी रचा है इतिहास

    वैभव का सफर सिर्फ अंडर-19 तक सीमित नहीं है। वह आईपीएल के सबसे युवा खिलाड़ी हैं, जिन्हें राजस्थान रॉयल्स ने 1.1 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था। आईपीएल में गुजरात टाइटंस के खिलाफ शतक जड़कर वह इस फॉर्मेट के सबसे युवा शतकवीर बने। इसके अलावा, उन्होंने सैयद मुश्ताक अली और विजय हजारे ट्रॉफी में भी सबसे युवा शतक लगाने का कीर्तिमान स्थापित किया है। अब देखना होगा कि क्रिकेट के मैदान पर रिकॉर्ड्स की झड़ी लगाने वाला यह खिलाड़ी परीक्षा की पिच पर कैसा प्रदर्शन करता है।

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