चेक रिपब्लिक से US ने किया था अरेस्ट
गुप्ता को 30 जून 2023 को चेक रिपब्लिक में गिरफ्तार किया गया था और बाद में उसका अमेरिका में प्रत्यर्पण किया गया। आरोप है कि गुप्ता ने ये साजिश भारतीय सरकारी कर्मचारी रहे विकास यादव के कहने पर रची, इस संबंध में विकास यादव को सीसी-1 कह कर संबोधित किया गया था।
- निखिल गुप्ता ने पन्नू की हत्या की कथित साजिश समेत 3 आरोप स्वीकारे
- इनमें हत्या की सुपारी, मर्डर और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश के आरोप
- 26 मई को सुनाई जाएगी निखिल गुप्ता को सजा
- भारतीय सरकारी कर्मी रहे शख्स पर भी आरोप
अमेरिकी एजेंसी के सोर्स से हो गया सामना
इस संबंध में मार्च 2025 में ही विदेश मंत्रालय ने कहा था कि वो अब भारत सरकार का कर्मचारी नहीं है। अभियोग पत्र के मुताबिक 2023 में यादव ने गुप्ता को हत्या का काम सौंपा था। यादव के कहने पर गुप्ता ने एक ऐसे शख्स से संपर्क किया जो असलियत में अमेरिकी जांच एजेंसियों का ही सोर्स था। यादव ने एक सहयोगी के जरिए इस हिटमैन को अग्रिम भुगतान के तौर पर पंद्रह हजार US डॉलर दिए। 2023 में ही विदेश मंत्रालय ने कहा था कि गुप्ता को तीन बार चेक गणराज्य में कॉन्सुलर मदद दी गई।
कहीं से भी खींच लाएंगे- FBI की चेतावनी
अमेरिकी जांच एजेंसी FBI गुरपतवंत सिंह पन्नू को ‘ट्रांसनेशनल रिप्रेशन का टारगेट’ बताया है। इसका मतलब है किसी व्यक्ति को विदेश में भी डराना, दबाना या नुकसान पहुंचाना। FBI ने कहा अगर किसी ने भी अमेरिकी नागरिक को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की तो हम उसे न्याय तक खींच लाएंगे, चाहे वह कहीं भी हो।














