‘मेरा वो क्रेजी फैन घर तक आ पहुंचा’
सभी जानते हैं कि अंगूरी भाभी का बहुत बड़ा फैन बेस हैं। शुंभागी ने अपने फैंस के बारे में बताया, ‘हमने इस फिल्म की शूटिंग देहरादून और मसूरी में की, तो ऋषिकेश पास में ही है। मैं महाकाल की बहुत बड़ी भक्त हूं। हिमालय में जाकर मुझे एक अलग तरह की शांति मिलती है। हम एक दिन जब शूटिंग नहीं कर रहे थे, तो हम ऋषिकेश चले गए और वहां गंगा घाट पर जो परमार्थ मंदिर है, हम जब उसके दर्शन करने गए, तो इतनी ज्यादा भीड़ इकट्ठी हो गई कि मैं क्या कहूं? उस वक्त मेरे फैन्स ने मुझ पर खूब प्यार लुटाया। यूं तो मेरे कई क्रेजी फैन्स हैं , मगर एक फैन का मैं जरूर जिक्र करना चाहूंगी, जो घर तक आ गए थे। पहले तो मैं बहुत डर गई थी, मगर फिर समझ आया कि वो मेरे फैन हैं। हुआ ये कि वो मेरे लिए ढेर सारे गिफ्ट्स के साथ, प्रसाद और काला धागा लेकर आए। उन्होंने ये भी कहा कि मैम आपकी पर्सनल जिंदगी में पिछले कुछ सालों से कई उतार-चढ़ाव आए, मगर इसके बावजूद आप लोगों को हंसा रही थीं। उन्होंने मेरे लिए एक खत भी लिखा था। असल में वो समझ गए थे कि अपनी निजी जिंदगी में मैं कई चीजों से लड़ रही थी। उस दिन मैं उनके प्रेम से बहुत भावुक हो गई थी।’
‘थिएटर में एक सीट अपने दिवंगत पति के लिए रिजर्व रखूंगी’
अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर का जिक्र करते हुए वह कहती हैं, ‘पिछले तीन -चार साल मेरे लिए काफी टफ रहे। मैं बहुत प्राइवेट पर्सन रही हूं। मेरा बहुत बड़ा सर्कल नहीं है, मैं पार्टियों की शौकीन नहीं हूं। मेरे लिए मेरा घर और काम सबसे अहम रहा है, तो वो जो सेपरेशन (पति से अलगाव) वाला समय था, वो बहुत मुश्किल था। पिछले साल जब पीयूष (उनके पति) चल बसे, तो वो मेरे लिए बहुत पीड़ादायक था। (कहते-कहते वह रो पड़ती हैं) मगर मुझे यकीन है कि वह मुझे और आशी (बेटी) को आशीर्वाद देते रहेंगे। मैं पीयूष को अपनी खुशनुमा यादों में रखना चाहती हूं। हाल ही में मैं भोपाल जाऊंगी अपने मम्मी-पापा के साथ फिल्म देखने, तो एक सीट पीयूष के लिए रिजर्व रखूंगी, क्योंकि मेरे दिवंगत पति ने एक्ट्रेस बनने में मुझे बहुत सपोर्ट किया। ये मेरा खुद से वादा है कि एक सीट उनके लिए मेरी बगल में जरूर होगी।’
‘मेरी बेटी मेरे लिए वरदान है’
अपनी बीस साल की बेटी आशी के साथ अपनी बॉन्डिंग के बारे में वह कहती हैं, ‘आज लगता है कि यंग मदर बनने के कई फायदे हैं। पहले लगता था कि ये मैं कितनी जल्दी मां बन गई, मगर अब मदरहुड खूब इंजॉय करती हूं। काम करते-करते मुझे काफी चोटें लगती रहती है, तो मेरी बेटी कल ही मुझसे कह रही थी कि मम्मा आप अभी खुद ही टॉडलर हैं। इस बार जब यूएस जा रही थी अपनी पढ़ाई के लिए, तो उसकी एक ही फिक्र थी कि मैं अपना ध्यान रखूं। वो मुझे टिप्स देती रहती है कि मैं थोड़ा सोशलाइज करूं। सच कहूं, बेटियां वरदान होती हैं।’
‘दर्शक मेरी तरह शिल्पा को भी प्यार दें’
तकरीबन दस साल तक ‘भाबीजी घर पर हैं!’ मेंअंगूरी भाभी के रूप में लोगों का दिल जीतने के बाद शो से अलग होना कितना मुश्किल था? इस पर वह बोलीं, ‘मेरे लिए इमोशनल था बहुत, बिलकुल भी आसान नहीं था। मुझे याद है। सीरियल सेट पर जो मंदिर है, जहां मैं रोज पूजा किया करती थी। आखिरी दिन मैं उस मंदिर में नतमस्तक होकर रो पड़ी थी। आप जब दस साल तक एक शो से जुड़े रहते हैं, तो खिड़की-दरवाजे, पेड़-पौधों, सभी से आपको प्यार हो जाता है। मेरे लिए शो से अलग होना बहुत मुश्किल था, मगर मैंने दिल को यही समझाया कि जिंदगी कभी एक जैसी नहीं रहती। आप कहीं से निकलते हैं और फिर कहीं पर कुछ नया एक्सप्लोर करते हैं। सेट पर आखिरी दिन मैंने सभी को जलेबी खिलाई।’
शुभांगी के शो से अलग होने के बाद शिल्पा शिंदे की सीरियल में वापसी हुई है। शुभांगी और शिल्पा के बीच लगातार कंपेरिजन हो रहा है। इस पर शुभांगी कहती हैं, ‘इस शो जैसे आइकॉनिक शो बहुत कम बनते हैं। मैं तो दर्शकों से यही कहूंगी कि जितना प्यार आपने सीजन वन को दिया, टू को भी दें। किरदार कलाकार से बड़ा होता है। जब तक मैं थी, मैंने अपनी पूरी ईमानदारी और शिद्दत से इस किरदार को अदा किया है। मुझे इस शो के रूप में एक न्यू बॉर्न बेबी मिला था। उसे पाल-पोस कर मैंने दस साल का किया। मैं उसे शिल्पा को लौटा रही हूं। शिल्पा भी इसे उसी प्यार-दुलार से बड़ा करे। दर्शक भी उन्हें और पूरी टीम को प्यार दें।’
‘रवि किशन जी सेट पर सभी की टांग खींचते थे’
फिल्म में रवि किशन मूल शो की कास्ट से हट कर एक नए एडिशन के रूप में नजर आए। उनके साथ काम करने के अनुभव को लेकर उनका कहना है, ‘रवि जी की सबसे अच्छी बात थी कि वो बहुत एफर्टलेस अभिनय करते हैं। बहुत सारे कलाकार मेथड एक्टिंग में बिलीव करते हैं, मगर रवि जी स्विच ऑन स्विच ऑफ अभिनेता हैं। मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा। सेट पर वे मस्ती-मजाक का माहौल बनाए रखते थे। वे हम सभी की टांग खींचते थे। उनके साथ बहुत मजा आया। मैं आगे भी उनके साथ काम करना चाहूंगी।’













