मोहम्मद यूनुस ने अपने भाषण में कहा, ‘बांग्लादेश सेवन सिस्टर्स स्टेट और नेपाल-टान जैसे देशों के लिए आर्थिक खुशहाली का बहुत बड़ा मौका दे सकता है। हमारे खुले समुद्र सिर्फ बॉर्डर नहीं हैं, वे इससे कहीं ज्यादा ग्लोबल इकॉनमी के गेटवे हैं। ऐसे में बांग्लादेश की इस क्षेत्र की तरक्की में अहम भूमिका हो सकती है।’
खुले समुद्र का फायदा उठाए बांग्लादेश
मोहम्मद यूनुस ने कहा कि बांग्लादेश का खुला समुद्र देश को विश्व अर्थव्यवस्था से जुड़ने का एक बहुत अहम जरिया है। हमने अपने बंदरगाहों की दक्षता को इंटरनेशल लेवल तक ले जाने के लिए सबसे बढ़िया प्रबंधन कंपनियों के साथ समझौते में तरक्की की है। पोर्ट की दक्षता बढ़ाना आर्थिक तौर पर तरक्की के लिए जरूरी है।
मोहम्मद यूनुस ने अपने अंतिम संबोधन में भारत का नाम नहीं लिया लेकिन पूर्वोत्तर का जिक्र किया। यह उनकी इस क्षेत्र को भारत से अलग देखने की सोच को बढ़ावा देने की मंशा को दिखाता है। यूनुस की ओर से नेपाल और भूटान की तरह पड़ोसी देश भारत का जिक्र किया जा सकता था लेकिन उन्होंने सेवन सिस्टर्स का नाम लिया।
चीन में किया था सेवन सिस्टर्स का जिक्र
मोहम्मद यूनुस इससे पहले चीन के दौरे पर सेवन सिस्टर्स का जिक्र कर चुके हैं। यूनुस ने बीते साल चीन दौरे पर सेवन सिस्टर्स का नाम लेकर भारत को नाराज कर दिया था। भारत उनके इस तरह के बयानों से नाखुश होता है क्योंकि दिल्ली ने अपने इलाकों में विदेशी दखलंदाजी का कड़ा विरोध किया है। यूनुस का नया बयान भी भारत को नाराज कर सकता है।
बांग्लादेश में अगस्त 2024 में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन और हिंसा के चलते शेख हसीना की सरकार गिर गई थी। उस वक्त की पीएम हसीना को ढाका छोड़ना पड़ा था। हसीना सरकार का रुख भारत के लिए नरम था लेकिन अंतरिम शासन की बागडोर संभालने वाले मोहम्मद यूनुस ने अपने 18 महीने के कार्यकाल में लगातार भारत विरोधी बातें की हैं। वहीं चीन और पाकिस्तान के लिए वह नरम दिखे हैं।













