ईरान सरकार ने घोषणा की कि ‘रेवोल्यूशनरी गार्ड’ ने सोमवार तड़के होर्मुज जलडमरूमध्य, फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में अभ्यास शुरू किया, जो महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग हैं, जिनके रास्ते दुनिया के 20 फीसदी तेल का परिवहन होता है। यह अभ्यास ऐसे समय में किया जा रहा है, जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर वाशिंगटन और तेहरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता हो रही है।
जेनेवा में वार्ता कर रहे अमेरिका और ईरान
अमेरिका और ईरान मंगलवार को जिनेवा में ईरानी परमाणु कार्यक्रम पर दूसरे दौर की वार्ता कर रहे हैं। संबंधित वार्ता में ओमानी मध्यस्थ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ईरान के सरकारी टीवी ने मंगलवार को बताया कि अमेरिका के साथ बातचीत अप्रत्यक्ष होगी और इसमें केवल ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, न कि घरेलू नीतियों पर, जिसमें पिछले महीने प्रदर्शनकारियों पर की गई उसकी कठोर कार्रवाई भी शामिल है।
ट्रंप ने ईरान को दी है चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को परमाणु कार्यक्रम पर लगाम लगाने के लिए मजबूर करने के वास्ते बार-बार बल प्रयोग करने की धमकी देते रहे हैं। वहीं, ईरान ने कहा है कि ऐसा होने पर वह जवाबी हमला करेगा। ट्रंप ने हाल में हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर ईरान की घातक कार्रवाई को लेकर भी उसे धमकी दी है। अरब प्रायद्वीप के पूर्वी छोर पर स्थित ओमान सल्तनत में छह फरवरी को वार्ता का पहला दौर अप्रत्यक्ष रूप से हुआ था। ईरानी अधिकारियों के चले जाने के बाद ही अमेरिकी झंडा लगी एसयूवी गाड़ियों ने महल के प्रवेश द्वार में प्रवेश किया।
ट्रंप दे सकते हैं तीखी प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के मिसाइल लॉन्च पर तीखी प्रतिक्रिया दे सकते हैं। वह पहले से ही ईरान को परमाणु समझौता न करने पर सैन्य कार्रवाई की धमकियां देते रहे हैं। ऐसे में ताजा घटनाक्रम से उनका भड़कना तय माना जा रहा है। अमेरिकी नौसेना के कई युद्धपोत वर्तमान में ईरान के पास मौजूद हैं और ट्रंप के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।














