फ्रांस के राष्ट्रपति ने आगे कहा कि दुनिया भर में अब बहस इस बात पर नहीं है कि भारत इनोवेट करता है या नहीं बल्कि इस बात पर है कि उसके साथ कौन इनोवेट करना चाहता है। फ्रांस ही इसका एकमात्र साफ जवाब है। हम यहां हैं। हम आपके साथ यहां रहना चाहते हैं। भारत-फ्रांस का रिश्ता अमर रहे।
पेरिस में मनाया जाएगा इनोवेशन डे
इमैनुएल मैक्रों ने आगे कहा कि PM मोदी के प्रपोजल के बाद पेरिस में G7 से एक दिन पहले यह इनोवेशन डे मनाया जाएगा, जिसे फ्रेंको-इंडियन इनिशिएटिव लीड करेंगे। इसमें दोनों देश बहुत सारे स्टूडेंट्स और रिसर्चर्स को साथ आएंगे। पीएम मोदी और फ्रांस के प्रेसिडेंट मैक्रों ने इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन लॉन्च करते हुए अलग-अलग फील्ड्स में इनोवेशन में कोऑपरेशन को और मजबूत करने का फैसला किया।
दिग्गज कंपनियों में भारतीय CEOs
मैक्रों ने कहा कि इंडो-फ्रेंच पार्टनरशिप इस आम सोच से चलती है कि इनोवेशन सिर्फ बड़ी टेक्नोलॉजिकल सफलताओं के बारे में नहीं है, बल्कि इकॉनमी, रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर बनाने और उसे हेल्दी और सुरक्षित बनाने के बारे में भी है। भारत की टेक्नोलॉजिकल तरक्की की तारीफ करते हुए मैक्रों ने बड़ी कंपनियों में भारतीय लीडरशिप की ग्लोबल मौजूदगी पर जोर दिया। उन्होंने अल्फाबेट इंक., माइक्रोसॉफ्ट, IBM, एडोब और पालो ऑल्टो नेटवर्क्स जैसी कंपनियों के हेड भारतीय मूल के CEOs की ओर इशारा करते हुए कहा कि भारत सिर्फ ग्लोबल इनोवेशन में हिस्सा नहीं लेता बल्कि उसे लीड भी करता है।













