पुरानी है रंजिश
रिपोर्ट्स के अनुसार,(REF.) ऑल्टमैन और डारियो अमोदेई के बीच यह टकराव नया नहीं है। इसकी जड़ें तब गहरी हुईं जब एंथ्रोपिक के संस्थापक डारियो और डेनिएला अमोदेई ने OpenAI छोड़ दिया था। वे दोनों वहां वाइस-प्रेसिडेंट थे, लेकिन उन्हें लगा कि सैम ऑल्टमैन सुरक्षा से ज्यादा व्यापार और मुनाफे को तवज्जो देते हैं।
इस असहमति के बाद उन्होंने एंथ्रोपिक बनाई, जिसका मूल मंत्र था सुरक्षा पहले। उस समय से ये दोनों कंपनियां एक-दूसरे की कट्टर प्रतिद्वंद्वी हैं। भारत मंडपम के मंच पर हाथ न पकड़ना इसी रंजिश का नतीजा थी।
विज्ञापन और सोशल मीडिया पर जंग
मंच पर दिखी इस कड़वाहट की एक ताजा वजह सुपर बॉल विज्ञापन भी है। फरवरी की शुरुआत में एंथ्रोपिक ने एक विज्ञापन जारी किया, जिसमें ChatGPT में विज्ञापन लाने के फैसले का मजाक उड़ाया गया था। सैम ऑल्टमैन को यह बात रास नहीं आई और उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पलटवार करते हुए कहा था कि एंथ्रोपिक सिर्फ अमीर लोगों के लिए महंगे प्रोडक्ट बनाता है।
ऑल्टमैन का तर्क है कि AI को सभी तक पहुंचाने के लिए इसका एक विज्ञापन वाला वर्जन भी होना चाहिए। इसे वो लोग इस्तेमाल करेंगे जो सबस्क्रिप्शन का पैसा नहीं दे सकते।
वर्चस्व की लड़ाई
बाजार में अपनी बढ़त बनाए रखने के लिए दोनों कंपनियों के बीच होड़ इस कदर है कि एक के अपना प्रोडक्ट लॉन्च करते ही दूसरा 20 मिनट के अंदर जवाबी जवाबी प्रोडक्ट लॉन्च कर देता है। एंथ्रोपिक ने जब अपना Claude Opus 4.6 पेश किया था, तो ठीक 20 मिनट बाद OpenAI ने GPT-5.3 Codex लॉन्च कर दिया था।
ऑल्टमैन ने अपने कोडिंग टूल को इतना शक्तिशाली बताया है कि वह एक इंसान की तरह सिस्टम में कुछ भी कर सकता है। भारत मंडपम का यह वाक्या साबित करता है कि एआई की दुनिया दो खेमों में बंट चुकी है। यहां टेक्नोलॉजी और इंसानों के भविष्य से ज्यादा तवज्जो वर्चस्व की लड़ाई को दी जा रही है।













