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  • ‘ईरान पर हमले का देंगे मजबूत जवाब’, तेहरान की संयुक्त राष्ट्र को चेतावनी, बताया टारगेट पर क्या?

    तेहरान: मिडिल ईस्ट में अमेरिका के बढ़ते सैन्य जमावड़े के बीच ईरान ने खुली धमकी दी है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को लिखे पत्र में ईरान ने कहा है कि अगर तेहरान पर सैन्य हमला होता है तो वह इलाके में दुश्मन ताकतों के बेस, फैसिलिटी और संपत्तियों को निशाना बनाएगा। गुरुवार को


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    By Azad Hind Desk फरवरी 20, 2026
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    तेहरान: मिडिल ईस्ट में अमेरिका के बढ़ते सैन्य जमावड़े के बीच ईरान ने खुली धमकी दी है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को लिखे पत्र में ईरान ने कहा है कि अगर तेहरान पर सैन्य हमला होता है तो वह इलाके में दुश्मन ताकतों के बेस, फैसिलिटी और संपत्तियों को निशाना बनाएगा। गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी मिशन ने अपने पत्र में कहा कि ईरान के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियां सैन्य हमले के असली खतरे का इशारा करती हैं। पत्र में कहा गया है कि ईरान जंग नहीं चाहता है लेकिन अगर सैन्य हमला होता है तो तेहरान मजबूती से जवाब देगा।

    गुटेरेस को लिखे पत्र में लिखा गया है कि ‘ईरान ने बार-बार हाई लेवल पर कहा है कि वह न तो टेंशन चाहता है और न ही युद्ध और वह कोई युद्ध शुरू नहीं करेगा। लेकिन अगर उस पर मिलिट्री हमला होता है, तो ईरान संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत आत्मरक्षा के अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए निर्णायक और उसी तरह से जवाब देगा।’ ईरानी मिशन ने चेतावनी दी कि ‘इलाके में दुश्मन सेना के सभी बेस, फैसिलिटी और एसेट्स सही टारगेट होंगे।’

    ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का जवाब

    ईरान की चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान को अगले 10 दिनों में वॉशिंगटन के सात बातचीत में एक काम की डील करनी होंगी, वरना बुरी चीजें होंगी। ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में बड़ा जंगी बेड़ा तैनात किया है, जिसमें एयरक्राफ्ट कैरियर, वॉरशिप, फाइटर जेट और दूसरे मिलिट्री हार्डवेयर शामिल हैं।

    ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक में कहा, ईरान के साथ कोई काम की डील करना आसान नहीं है। हमें एक काम की डील करनी होगी, वरना बुरी चीजें होंगी। उन्होंने आगे कहा, ‘आपको शायद अगले 10 दिनों में पता चल जाएगा।’

    संयुक्त राष्ट्र से कार्रवाई की मांग

    ईरान के UN मिशन के पत्र में डोनाल्ड ट्रंप के 18 फरवरी को की गई सोशल मीडिया पोस्ट का खास जिक्र है। इसे ईरान के खिलाफ ताकत के इस्तेमाल की साफ धमकी बताया गया है। ट्रंप ने पोस्ट में डिएगो गार्सिया और ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड बेस के संभावित इस्तेमाल की बात कही थी। ईरान ने अपील की कि ‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और सेक्रेटरी-जनरल (गुटेरेस) को बिना देर किए कार्रवाई करनी चाहिए, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए।’ चेतावनी के बावजूद ईरान ने डिप्लोमेसी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि वह अमेरिका के साथ न्यूक्लियर बातचीत में रचनात्मक तरीके से, गंभीरता से और अच्छी नीयत से शामिल होगा।

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