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  • India AI Impact Summit 2026: ‘5-8 साल में AGI बदलेगा दुनिया’, गूगल डीपमाइंड CEO डेमिस हसाबिस की भविष्यवाणी

    नई दिल्लीः इंडिया AI इंपैक्ट समिट में बुधवार को गूगल डीपमाइंड के CEO डेमिस हसाबिस ( Demis Hassabis ) ने कहा कि AI आने वाले समय में साइंस और हेल्थ सेक्टर की तस्वीर बदल सकता है। लेकिन इसके सामाजिक प्रभावों से निपटने के लिए देशों के बीच सहयोग जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि दुनिया इस


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    By Azad Hind Desk फरवरी 20, 2026
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    नई दिल्लीः इंडिया AI इंपैक्ट समिट में बुधवार को गूगल डीपमाइंड के CEO डेमिस हसाबिस ( Demis Hassabis ) ने कहा कि AI आने वाले समय में साइंस और हेल्थ सेक्टर की तस्वीर बदल सकता है। लेकिन इसके सामाजिक प्रभावों से निपटने के लिए देशों के बीच सहयोग जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय एक अहम दौर से गुजर रही है। आर्टिफिशल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) अगले 5 से 8 साल में हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा होगा। जैसे-जैसे AI सिस्टम अधिक स्वायत्त और एजेंट की तरह काम करने लगेंगे, वैसे-वैसे इसके प्रभाव भी व्यापक होंगे।

    इलाज करने में मदद करेगा एआई

    डीपमाइंड के CEO ने कहा कि AI स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल रहा है। यह बीमारियों को समझने और उनके इलाज के तरीकों में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। हसाबिस ने बताया कि आज कई कंपनियां AI आधारित टूल और प्रोडक्ट बना रही हैं। इससे यह साफ है कि AI का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने तकनीकी जोखिमों पर भी बात की और कहा कि पर्याप्त समय और विशेषज्ञों के सहयोग से इन चुनौतियों का समाधान किया जा सकता है। उन्हें भरोसा है कि ह्युमन इंटेलिजेंस और प्रयास से तकनीकी समस्याओं पर काबू पाया जा सकता है।

    अल्फाफोल्ड का भी जिक्र, दवा खोज में नए मौके

    हसाबिस ने यह भी स्पष्ट किया कि असली चुनौती सामाजिक स्तर पर सामने आ सकती है। AI के कारण समाज पर पड़ने वाले प्रभावों को संभालना तकनीकी समस्याओं से भी अधिक कठिन हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि इस विषय पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद हो और देश मिलकर काम करें। उन्होंने ‘अल्फाफोल्ड’ जैसे AI सिस्टम का जिक्र भी किया। अल्फाफोल्ड को नोबेल पुरस्कार मिल चुका है। हसाबिस ने कहा कि ऐसी तकनीकें दवा खोज, मटीरियल साइंस और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि AI का सही उपयोग मानवता के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है।

    AI के फायदे और जोखिम दोनों…

    हसाबिस ने AI को मानव इतिहास की सबसे प्रभावशाली तकनीकों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि इसका असर सीमाओं से परे होगा, इसलिए इसके फायदे और जोखिम दोनों वैश्विक स्तर पर साझा होंगे। इसी वजह से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन, पैरिस, सियॉल और अब भारत में आयोजित हो रहे AI समिट दुनिया के नेताओं और तकनीकी विशेषज्ञों को एक साथ लाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। इन आयोजनों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि AI के फायदे सब तक पहुंचें और इसके संभावित जोखिमों को समय रहते कंट्रोल किया जा सके।

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