इस वीडियो में अदिति राव हैदरी राधा के किरदार में, श्रद्धा कपूर बसंती के किरदार में, रणवीर सिंह वीरू के किरदार में और विक्की कौशल जय के किरदार में नजर आए। वीडियो पर रिएक्शन देते हुए एक फैन ने कहा, ‘ये कास्टिंग एकदम सही लग रही है!’ वहीं, एक ने असहमति जताते हुए लिखा, ‘इनकी कल्पना भी नहीं की जा सकती… बिलकुल नहीं। शोले एक कल्ट क्लासिक थी और मूल कलाकारों के साथ हमेशा कल्ट ही रहेगी।’ एक ने कहा, ‘जय और वीरू के रूप में विक्की कौशल और रणवीर सिंह की जोड़ी लाजवाब थी।’
‘शोले’ के दमदार एक्टर्स
1975 की फिल्म में, संजीव कुमार ने ठाकुर बलदेव सिंह का रोल किया था, अमजद खान ने गब्बर सिंह, अमिताभ बच्चन ने जय, धर्मेंद्र ने वीरू, हेमा मालिनी ने बसंती और जया बच्चन ने राधा की भूमिका निभाई। मैक मोहन ने सांभा का रोल किया, विजू खोटे ने कालिया और असरानी ने जेलर का रोल किया था।
बॉक्स ऑफिस पर फीकी रही ‘शोले’, बाद में छाई
अपनी मजबूत कहानी, यादगार किरदारों, फेमस डायलॉग्स और सदाबहार गानों जैसे ‘ये दोस्ती’, ‘महबूबा महबूबा’, ‘हां जब तक है जान’, ‘होली के दिन’ के कारण ‘शोले’ भारतीय सिनेमा में एक कल्ट फिल्म बन गई है। रमेश सिप्पी की निर्देशित यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक परफॉर्म नहीं कर पाई, लेकिन आने वाले वर्षों में लोगों की पसंदीदा बन गई और जब दोबारा रिलीज हुई तो लाइफटाइम कलेक्शन के लिहाज से 50 करोड़ की कमाई कर ली।
‘शोले’ की कहानी और कास्ट
फिल्म की कहानी रामगढ़ गांव पर बेस्ड है, जहां रिटायर्ड पुलिस प्रमुख ठाकुर बलदेव सिंह (संजीव कुमार) कुख्यात डाकू गब्बर सिंह (अमजद खान) को हराने की प्लानिंग करते हैं। इसमें उनके साथ शरारती जय (अमिताभ बच्चन) और वीरू (धर्मेंद्र) भी शामिल होते हैं। गांव पहुंचने पर, दोनों को गब्बर सिंह के खतरे का एहसास होता है और वे ठाकुर की मदद के लिए अपने प्रयास तेज कर देते हैं। जया बच्चन और हेमा मालिनी फिल्म में जय और वीरू की प्रेमिकाओं, बसंती और राधा के रोल में हैं। फिल्म की कहानी जावेद अख्तर और सलीम खान ने लिखी है।
‘शोले’ के 50 साल होने पर बोलीं हेमा मालिनी
पिछले साल, हेमा ने ‘शोले’ की रिलीज के 50 साल पूरे होने पर उसके बारे में बात की थी। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए, हेमा ने फिल्म की तारीफ करते हुए कहा था, ‘खुशी होती है। शोले जब काम करना शुरू किया था तो मालूम नहीं था कि इतनी बड़ी हिट होगी। 50 साल बाद, आप सब मुझसे संसद में इसके बारे में सवाल पूछेंगे। तब क्या पता था कि संसद में आएंगे? वो वक्त तो अलग था… दोबारा शोले बनाना मुश्किल है।’













