• Business
  • बुजर्गों के सहारे चल रही अमेरिका की इकॉनमी! 55 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के पास है 73.7% पैसा

    नई दिल्ली: अमेरिका की इकॉनमी अब काफी हद तक उम्रदराज लोगों पर निर्भर है। देश में कुल कंज्यूमर स्पेंडिंग में 55 साल से अधिक उम्र के लोगों की हिस्सेदारी 45.3 फीसदी है जो 28 साल में सबसे ज्यादा है। 2000 के दशक की शुरुआत में यह आबादी महज 28 फीसदी थी लेकिन तबसे यह आंकड़ा


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 20, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    नई दिल्ली: अमेरिका की इकॉनमी अब काफी हद तक उम्रदराज लोगों पर निर्भर है। देश में कुल कंज्यूमर स्पेंडिंग में 55 साल से अधिक उम्र के लोगों की हिस्सेदारी 45.3 फीसदी है जो 28 साल में सबसे ज्यादा है। 2000 के दशक की शुरुआत में यह आबादी महज 28 फीसदी थी लेकिन तबसे यह आंकड़ा करीब दोगुना हो चुका है। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी है लेकिन वेल्थ के मामले में वहां पुरानी और नई पीढ़ी के बीच गैप लगातार बढ़ता जा रहा है।

    देश में टोटल कंज्यूमर स्पेंडिंग 54 साल या उससे कम उम्र के लोगों की हिस्सेदारी 54.7 फीसदी रह गई है जो साल 2000 में 72 फीसदी थी। अमेरिका में पिछले 25 साल में दोनों एज ग्रुप का अंतर 35 फीसदी कम हुआ है और इतिहास में पहली बार इसके बराबर होने की राह पर है। फेड रिजर्व के डेटा के मुताबिक देश में 73.7% वेल्थ 55 साल से अधिक उम्र के लोगों के पास है। साल 2000 में यह आंकड़ा 56.2 फीसदी था।

    अमेरिका में खाने के लाले! दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी के साथ 75 साल में पहली बार हुआ ऐसा

    बेबी बूमर वर्सेज जेन जी

    बैंक ऑफ अमेरिका के आंकड़ों के मुताबिक बेबी बूमर जेनरेशन के लोग क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड से खर्च करने के मामले में जेन जी और मिलेनियल्स से आगे हैं। युवा लोगों को हाउसिंग और स्टूडेंट लोन जैसे महंगे खर्चों का सामना करना पड़ रहा है। 1946 से 1964 के बीच जन्मे लोगों के बेबी बूमर जेनरेशन कहा जाता है। इसी तरह 1981 से 1996 के बीच जन्मे लोगों को मिलेनियल्स और 1997 से 2012 के बीच जन्मे लोगों को जेन जी कहा जाता है।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।