ICG के कमांडेंट अनिरुद्ध धर्मपाल डबाश की शिकायत पर मुंबई के येलो गेट पुलिस स्टेशन में इस मामले में नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जिसमें जहाजों के मालिक, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रहने वाले जोगिंदर सिंह बराड़ भी शामिल हैं। पुलिस ने ‘एस्फाल्ट स्टार’ के कप्तान श्याम बहादुर चौहान और एक अन्य चालक दल के सदस्य को गिरफ्तार भी किया है। इन पर तेल तस्करी और जालसाजी का आरोप है।
सेंसर बंद कर पाकिस्तानी सीमा में दाखिल हुए जहाज
एफआईआर के अनुसार, एस्फाल्ट स्टार 20 जनवरी से 28 जनवरी के बीच पाकिस्तान के समुद्री विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में दाखिल हुआ था। 28 जनवरी को जहाज ने अपना ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS), वीएचएफ और अन्य सेंसर बंद कर दिए, जिससे उसकी पहचान और गतिविधियां छिपाई जा सकें। पूछताछ के दौरान जहाज के मास्टर ने दावा किया कि उसका वॉयज डेटा रिकॉर्डर (VDR) काम नहीं कर रहा था।
अवैध तेल ट्रांसफर किया
जांच में सामने आया है कि कि ‘एस्फाल्ट स्टार’ ने भारतीय अधिकारियों को सूचित किए बिना, हिंद महासागर के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में ‘अल जाफजिया’ को 30 मीट्रिक टन भारी ईंधन तेल और ‘एमटी स्टेलर रूबी’ को सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाला 5473 मीट्रिक टन बिटुमेन अवैध रूप से ट्रांसफर किया।
जहाज पर सवार थे कुल 55 लोग
तटरक्षक बल के एक अधिकारी के अनुसार, तीनों जहाजों ने पता लगने से बचने के लिए AIS स्पूफिंग (पहचान की चोरी) और झूठी पहचान का इस्तेमाल किया। जहाजों पर कुल 55 चालक दल के सदस्य सवार थे।
जोगिंदर सिंह बराड़ ने यूएई में दावा किया है कि उनके जहाज भारतीय तट से दूर संकटग्रस्त जहाजों को आवश्यक आपूर्ति दे रहे थे और वे किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल नहीं थे। ICG की विशेष बोर्डिंग टीम ने इलेक्ट्रॉनिक डेटा की जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और क्रू से पूछताछ के आधार पर कथित तस्करी के पूरे मॉडस ऑपरेंडी का खुलासा किया है। मामले की आगे की जांच जारी है।













