हथेली में विकसित शनि पर्वत
अगर हथेली में शनि पर्वत विकसित हो तो ऐसे जातक एकांत में रहना अधिक पसंद करते हैं। साथ ही, ये लोग जीवन में अपने लक्ष्य पर बहुत अधिक फोकस रखते हैं। इसी के चलते घर-गृहस्थी पर भी बहुत कम ध्यान दे पाते हैं। स्वभाव से ऐसे लोग गंभीर प्रवृत्ति के हो सकते हैं। हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, ऐसे लोग बढ़ती उम्र के साथ रहस्यवादी बनने लगते हैं।
हथेली में शनि पर्वत का अभाव
हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, हथेली में अगर शनि पर्वत का अभाव हो यानी वह अविकसित हो तो इन्हें जीवन में विशेष सफलता या सम्मान प्राप्त करने के लिए अत्यधिक मेहनत करनी पड़ती है। कड़ी मेहनत के बावजूद अपेक्षित सफलता न मिलने से ये निराश भी हो सकते हैं।
पूर्ण रूप से विकसित शनि पर्वत
मध्यमा उंगली को भाग्य की देवी भी कहा जाता है। इसके पीछे का कारण है की इसी उंगली के मूल में भाग्य रेखा जाकर समाप्त होती है। ऐसे में अगर शनि पर्वत हथेली में पूर्ण रूप से विकसित हो तो ऐसे लोग बहुत भाग्यशाली होते हैं। जीवन में ये लोग अपनी मेहनत और निरंतर प्रयास से बड़ी सफलता हासिल करते हैं। ऐसे लोग धन बचाने वाले और अचल संपत्ति में विश्वास रखने वाले होते हैं।
हथेली में अत्यधिक विकसित शनि पर्वत
हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति की हथेली में शनि पर्वत अत्यधिक विकसित हो तो ऐसे जातक अपने जीवन में कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं। अप्रिय कार्यों से इन्हें बचने की आवश्यकता होती है क्योंकि इस प्रकार के पर्वत को अच्छा संकेत नहीं माना जाता है। इस प्रकार के पर्वत पर पीलापन नजर आ सकता है।
शनि पर्वत का गुरु और सूर्य की ओर झुकाव
अगर शनि पर्वत गुरु पर्वत की ओर झुका हुआ हो तो इसे बहुत शुभ संकेत माना जाता है। ऐसे जातकों को समाज में खूब मान-सम्मान और एक खास स्थान प्राप्त होता है। वहीं, अगर शनि पर्वत सूर्य की ओर झुका हुआ हो तो ऐसे लोग भाग्य पर अधिक भरोसा कर सकते हैं। इन्हें धन की कमी का सामना भी कई बार करना पड़ सकता है। व्यापार के क्षेत्र में सतर्क रहना आवश्यक होता है।














