उन्होंने कहा कि अभी कई देशों के मंत्री यहां हैं और वो लगातार चर्चा कर रहे हैं । वैष्णव ने कहा कि ऐसे में जब 21 फरवरी को समिट का समापन होगा तो उम्मीद है कि इस पर हस्ताक्षर करने वाले करीब 80 देश होंगे । हालांकि वैष्णव ने बताया कि सारे बड़े देशों ने डेक्लेरेशन पर हस्ताक्षर कर दिए हैं और अब बस डॉक्यूमेंट जारी करने की औपचारिकता ही बची है। उन्होंने कहा कि इस मसले पर कई करार और एमओयू हुए और पूरी दुनिया इस पर काम करेगी।
5 लाख लोगों ने लिया AI समिट में हिस्सा
वैष्णव ने समिट की भागीदारी के बारे में बात करते हुए कहा कि पांच लाख से ज्यादा लोगों ने इसमें हिस्सा। भारत ने बतौर बड़े एआई खिलाड़ी अपनी क्षमताएं जाहिर की। समिट में बहुत अच्छे सेशन हुए। वैष्णव ने कहा कि भारत 20 लाख लोगों को प्रशिक्षित करेगा , लेकिन इसका क्या फॉर्मेट बनना है, इसे लेकर इंडस्ट्री से बात हो रही है । वैष्णव ने पैक्स सिलिका अलायंस को लेकर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रिजिलियंट सप्लाई चेन के लिए जरूरी है। हम एक विश्वसनीय साझेदार की तरह देखे जाते हैं।
कांग्रेस की नकारात्मकता को युवाओं ने नकारा
इस दौरान वैष्णव ने यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन का जिक्र किया। वैष्णव ने कहा कि भले ही कांग्रेस ने समिट को बाधित करने की कोशिश की हो, लेकिन युवाओं ने उनकी नकारात्मकता को खारिज कर दिया। वैष्णव ने इस प्रदर्शन को दुखद और हास्यास्पद करार दिया। युवाओं ने संदेश दे दिया कि ये समिट उनके लिए है और देश का युवा एआई इकोसिस्टम को लेकर बेहद उत्साहित और आशावान है। उन्होंने इस दौरान देश के सोवर्न मॉडल को लेकर एआई लीडर्स में उत्सुकता का जिक्र किया । उन्होंने कहा कि बहुत कम रिसोर्सेस में ये मॉडल बनाए गए हैं।
कुछ गलत चुनाव हुए हैं
वैष्णव ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के विवाद का बिना नाम लिए जिक्र किया। उन्होंने माना कि कुछ बुरे चुनाव हुए हैं। लेकिन सरकार तुरंत ऐसे लोगों पर एक्शन भी लिया, जिन्होंने एआई से जुड़े अच्छे काम को कमतर करने की कोशिश की। बता दें बीते दिनों एक्सपो में गलगोटिया यूनिवर्सिटी की ओर से चीनी रोबोटिक डॉग के डेमो को लेकर विवाद हुआ था । यूनिवर्सिटी ने इस प्रॉडक्ट को अपना आविष्कार बताया था। इससे जुड़ा वीडियो वायरल होने पर यूनिवर्सिटी को एक्सपो से बाहर कर दिया गया।
वैष्णव ने कहा कि सरकार अंत्योदय में विश्वास करेंगे। वैष्णव ने कहा कि इस समिट में बड़े एआई खिलाडी एक मंच पर आए और अपनी बात कही। मंत्री ने कहा कि कई पॉलिसी लीडर इस बात से हैरान थे कि कैसे एआई के सभी आयामों को भारत साथ लेकर आया है। वैष्णव ने कहा कि अगर एआई को हर किसी तक ले जाना है तो राज्यों के साथ नजदीकी सहयोग करना होगा। डेटा प्रोटेक्शन पर भारत की पहल को लेकर वैष्णव ने कहा कि कई देश ये मानते हैं कि हमारा डीपीडीपी फ्रेमवर्क बेहतरीन है । तीन देशों ने कहा वो इस दिशा में वो भारत के कानूनों की तर्ज पर ही आगे बढ़ेंगे।













