सुनील लहरी ने कहा, ‘नमस्कार, दोस्तों। इस ब्रीफकेस को देखकर आप सोच रहे होंगे कि मैं कहीं जा रहा हूं। नहीं, मैं कहीं नहीं जा रहा हूं। मैं यहीं आपके साथ हूं। इस ब्रीफकेस के पीछे एक कहानी है जो मैं आपसे साझा करना चाहता हूं।’
दारा सिंह ने सुनील लहरी को दिया था ब्रीफकेस
उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे यह ब्रीफकेस लगभग 35-36 साल पहले उपहार में मिला था। रामायण के दौरान हनुमान जी, दारा सिंह जी ने इसे मुझे अफ्रीका के केन्या में दिया था जिसकी राजधानी नैरोबी है, और वहीं उन्होंने मुझे यह दिया था।’
36 साल से लक्ष्मण के पास है ब्रीफकेस
कैप्शन में उन्होंने लिखा, ‘महान दारा सिंह जी द्वारा दिया गया उपहार, यानी हनुमान जी, जो मेरे पास पिछले 35-36 वर्षों से है, इस उपहार का कोई मूल्य नहीं, यह अनमोल है।’
सुनील लहरी ने बताई ब्रीफकेस की कहानी
अब उन्होंने नए पोस्ट में इस सूटकेस के पीछे की कहानी बताई है। कहानी बताते हुए सुनील ने कहा, ‘जैसा कि मैंने आप लोगों से कहा था कि ये ब्रीफकेस मुझे हनुमान जी ने गिफ्ट किया था नौरोबी में। हुआ यूं था कि मैं मार्केट जाना चाहता था, तो दारा सिंह भी मेरे साथ गए। ब्रीफकेस की दुकान ढूंढी और ले लिया। उनका वाला कलर में थोड़ा अलग था। उन्होंने लिया तो मैंने भी ले लिया। मैंने दुकान वाले से दूसरा मांगा। तो दारा सिंह ने मुझसे कहा कि वो मुझे ये उपहार देंगे।’
80 के दशक में शुरू हुआ ‘रामायण’
जो लोग ‘रामायण’ से परिचित नहीं हैं, उनके लिए बता दें कि ‘रामायण’ सबसे बड़े टेलीविजन शो में से एक है। 80 के दशक में शो के प्रसारण के तुरंत बाद ही इसके कलाकारों को जबरदस्त लोकप्रियता और सफलता मिली। इस शो में अरुण गोविल ने भगवान राम, सुनील लहरी ने लक्ष्मण, अरविंद त्रिवेदी ने रावण, दारा सिंह ने हनुमान और दीपिका चिखलिया ने सीता की भूमिका निभाई थी।
एक साल चला ‘रामायण’
यह धारावाहिक 1987 में प्रसारित हुआ, एक साल तक चला और 1988 में दूरदर्शन पर इसका प्रसारण बंद हो गया। हर रविवार को प्रसारित होने वाला यह शो उन दिनों सड़कों को थमा सा देता था, क्योंकि दर्शक टीवी देखने के लिए उमड़ पड़ते थे, जो 80 के दशक में बहुत बड़ी बात थी। 2020 में, कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान, ‘रामायण’ का दूरदर्शन पर फिर से प्रसारण हुआ और यह दो महीने से अधिक समय तक चला।













