अपने माता-पिता के बीच चल रहे अहंकार के झगड़ों के कारण वैष्णवी की प्रारंभिक शिक्षा प्रभावित हुई। उन्होंने सिद्धार्थ कनन को बताया, ‘मां-बाप के झगड़ों की वजह से हम होटलों में रहते थे। हम एक होटल से दूसरे होटल में जाते रहते थे। मैं स्कूल कैसे जा सकती थी? मैं पढ़ाई में बहुत अच्छी थी; मैं वैज्ञानिक बनना चाहती थी।’
वैष्णवी मैकडोनाल्ड का संघर्ष भरा जीवन
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। परिवार जब हैदराबाद में एक किराए के छोटे से मकान में रहने लगा और जिंदगी थोड़ी स्थिर होने लगी, तभी उनके पिता बिना किसी वजह के गायब हो गए।
मां बहनों को जान से मारने वाली थीं
पैसों की कमी के कारण, वैष्णवी की मां ने उधार लेकर वैष्णवी और उसकी छोटी बहन को अपने पिता की तलाश में मुंबई ले आई। वे एक लॉज में रहने लगीं और अपने पिता की खोज शुरू कर दी। किराए और खाने के लिए पैसे न होने पर, वैष्णवी की मां की हालत इतनी बिगड़ गई कि उन्होंने तीनों की जान लेने का सोचा – जिसका खुलासा उन्होंने कई साल बाद किया। उन्होंने बताया, ‘मेरी मां ने आत्महत्या करने और हमें भी मारने के बारे में सोचा था। उन्होंने बाद में हमें बताया, ‘मैं तुम्हें कुछ जहर मिलाकर खिलाने वाली थी।’ मैं 16 साल की थी और मेरी बहन 12 साल की। वह नहीं चाहती थीं कि हम गलत हाथों में पड़ें।’
वैष्णवी को घर के बाहर मिले पैसे
हताशा के अंतिम पल में, उनकी मां उन्हें पास के एक चर्च में ले गई। वैष्णवी का दावा है कि वहीं पर उनका जीवन हमेशा के लिए बदल गया। उन्होंने कहा, ‘मुझे एक अलौकिक अनुभव हुआ। मैंने ईश्वर की शक्ति को महसूस किया और रोने लगी।’ जब वे अपने लॉज लौटे, तो उन्हें अपने दरवाजे के बाहर नए-नए 100 रुपये के नोटों का एक बंडल मिला, बिल चुकाने के लिए ठीक उतनी ही रकम की जरूरत थी।
वैष्णवी के पिता ने धर्म परिवर्तन कर लिया
वैष्णवी अंत में अपने पिता के लापता होने के दो साल बाद उनसे फिर से मिलीं। उन्होंने दूसरी शादी कर ली थी और दूसरे धर्म में परिवर्तित हो गए थे, जिससे उनके जाने का कारण भी पता चल गया था। एक्ट्रेस ने बताया, ‘मैंने उन्हें माफ कर दिया… मैं उनके साथ थी जब वे अपनी मृत्यु शैया पर थे।’
‘शक्तिमान’ ने बना दिया आइकॉन
फिल्म इंडस्ट्री की निगेटिविटी से तंग आकर वैष्णवी ने एक ऐसा फैसला लिया जिससे उनकी मां को डर था कि उनका करियर खत्म हो जाएगा। उन्होंने टेलीविजन की ओर रुख किया। हालांकि, उनकी मां को चिंता थी कि टेलीविजन उन्हें सिनेमा से दूर कर देगा, फिर भी वैष्णवी ने मुकेश खन्ना के ऑफर को स्वीकार कर लिया और शो ‘शक्तिमान’ (1998) में गीता विश्वास का किरदार निभाया। इस रोल ने उन्हें 90 के दशक के टेलीविजन की एक आइकॉन बना दिया।













