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  • ‘PM मोदी ने ट्रंप को नोबेल लायक नहीं समझा’, अमेरिकी सीनेटर ने बताई भारत पर 50% टैरिफ लगाने की वजह

    वॉशिंगटन: अमेरिका ने भारत के खिलाफ 50% टैरिफ इसलिए लगा दिया था, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित नहीं किया। अमेरिका के डेमोक्रेटिक सीनेटर मार्क वॉर्नर ने यह दावा किया है। मार्क ने आर्थिक नीतियों को निजी हितों के आधार पर चलाने के लिए डोनाल्ड


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    By Azad Hind Desk फरवरी 22, 2026
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    वॉशिंगटन: अमेरिका ने भारत के खिलाफ 50% टैरिफ इसलिए लगा दिया था, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित नहीं किया। अमेरिका के डेमोक्रेटिक सीनेटर मार्क वॉर्नर ने यह दावा किया है। मार्क ने आर्थिक नीतियों को निजी हितों के आधार पर चलाने के लिए डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल भारत के खिलाफ 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था। इसके बाद 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया था, जिसे रूसी तेल खरीदने के लिए दंडात्मक शुल्क बताया था। इस टैरिफ के बाद भारत के खिलाफ कुल ड्यूटी बढ़कर 50 फीसदी हो गई थी, जो ब्राजील के साथ दुनिया में सबसे ज्यादा थी।

    ट्रंप की इकोनॉमिक पॉलिसी की आलोचना

    ट्रंप ने आरोप लगाया था कि भारत रूसी तेल खरीदकर यूक्रेन में पुतिन के युद्ध को फंड कर रहा है। हालांकि, डेमोक्रेटिक सीनेटर मार्क वॉर्नर ने जो कहा है, वह ट्रंप के दावे के बिल्कुल उलट है। वर्जीनिया में अहमदिया मुस्लिम समुदाय के एक कार्यक्रम में बोलते हुए वॉर्नर ने कहा, राष्ट्रपति ट्रंप ने जब भारत पर टैरिफ 50% तक बढ़ाया तो इसका मेन कारण यह था कि वह पीएम मोदी से नाराज थे, क्योंकि मोदी को नहीं लगता था कि उन्हें नोबेल पुरस्कार जीतना चाहिए। यह अमेरिकी इकोनॉमिक पॉलिसी का आधार नहीं होना चाहिए।

    मार्क वॉर्नर वर्जीनिया से सीनेटर हैं। वे अमेरिकी सीनेट की इंटेलिजेंस कमेटी के चेयरमैन भी हैं। कुछ दिन पहले ही वार्नर ने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराने के दावे पर सवाल उठाए थे। वॉर्नर ने कहा था कि ‘मैंने भारत सरकार, इंटेलिजेंस एजेंसियों और अमेरिकन इंटेलिजेंस कमेटी के सदस्यों से जो सुना और पढ़ा है, उससे साफ है कि यह मुद्दा भारत और पाकिस्तान ने खुद ही सुलझा लिया है।’ मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के बाद ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान युद्ध रोक दिया था।

    भारत-अमेरिका दोस्ती के समर्थक

    डेमोक्रेट वॉर्नर भारत और अमेरिका के बीच अच्छे संबंधों की वकालत करते रहे हैं। बीती जनवरी में समाचार एजेंसी आईएएनएस को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने चेतावनी दी कि क्वाड और टू-प्लस-टू डॉयलाग समेत भारत-अमेरिका के अहम सुरक्षा फ्रेमवर्क में रफ्तार धीमी हो रही है। वार्नर ने कहा था कि ट्रंप सरकार ने पारंपरिक कूटनीति और सुरक्षा मैकेनिज्म के लिए कम ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि ‘वॉशिंगटन के लगातार न जुड़ने से इस बात पर असर पड़ सकता है कि साथी देश अमेरिका की विश्वसनीयता को कैसे देखते हैं। मुझे चिंता होती है जब अमेरिकी साथी कहते हैं कि चीन यूएस से ज्यादा भरोसेमंद पार्टनर हो सकता है। ऐसी सोच बहुत परेशान करने वाली है। यह मुझे बहुत परेशान करता है।’

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