रविवार को मेरठ में अपने संबोधन के दौरान कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘एक तरफ आज देशवासी भारत को विकसित बनाने के लिए काम कर रहे हैं लेकिन देश में ही कुछ राजनैतिक दल हैं जो भारत की सफलता को पचा नहीं पा रहे। भारत में दुनिया का सबसे बड़ा AI सम्मेलन हुआ, दुनिया भर के 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधि दिल्ली आए। पूरा देश गर्व से भर गया लेकिन कांग्रेस और इसके इकोसिस्टम ने क्या किया?
वैश्विक आयोजन को कांग्रेस ने बनाया राजनीतिक का अखाड़ा
पीएम मोदी ने आगे कहा, कांग्रेस ने भारत के एक वैश्विक आयोजन को अपनी गंदी और नंगी राजनीति का अखाड़ा बना दिया। समारोह स्थल पर विदेशी अतिथियों के सामने कांग्रेस के नेता कपड़े उतारकर पहुंच गए।’ उन्होंने कहा, कांग्रेस ने नेताओं ने AI समिट में जो कुछ किया वह दिखाता है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी कितनी दिवालिया, कितनी दरिद्र हो गई है। कांग्रेस तो अपने ही देश को बदनाम करने में जुटी है।’
देश की बेइज्जती करने वालों का जयकारा कर रहे कांग्रेसी नेता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘कांग्रेस के नेताओं को मोदी से नफरत है, ये मेरी कब्र खोदना चाहते हैं, मेरी मां को गाली देने से इन्हें कोई परहेज नहीं है, उन्हें बीजेपी, NDA से विरोध है लेकिन कांग्रेस को याद रखना चाहिए था कि AI ग्लोबल समिट यह बीजेपी का समारोह नहीं था और न ही बीजेपी का कोई नेता वहां मौजूद था। यह देश का, देश के सम्मान का कार्यक्रम था लेकिन कांग्रेस ने परसो सारी मर्यादाएं तोड़ दी। पूरे देश में कांग्रेस की इस रीति-नीति पर थू-थू हो रही है लेकिन दुर्भाग्य देखिए इतनी पुरानी पार्टी के नेता लजाने की बजाय गाजते हैं। देश की बेइज्जती करने वालों का जयकारा कर रहे हैं।’
नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद पीएम मोदी ने कहा, ‘2014 से पहले भारत में मेट्रो का विस्तार बहुत धीमी गति से हो रहा था। कांग्रेस के शासन में देश के सिर्फ 5 शहरों में ही मेट्रो चल पाई जबकि आज भाजपा सरकार में देश के 25 से ज्यादा शहरों में मेट्रो चलने लगी है। आज भारत मेट्रो के मामले में दुनिया का तीसरा बड़ा नेटवर्क बन चुका है।’
सपा पर भी बरसे पीएम मोदी
समाजवादी पार्टी को भी निशाने पर लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘कांग्रेस, समाजवादी पार्टी की जब दिल्ली में सरकार थी तब यह सब संभव ही नहीं था क्योंकि तब इंफ्रास्ट्रक्चर की परियोजनाएं घोटालों में ही गुम हो जाती थी। मेट्रो जैसी और उससे जुड़ी अधिकतर तकनीक भी हमें विदेशों से आयात करनी पड़ती थी। हमने घोटाले भी बंद किए और देश को आत्मनिर्भरता के रास्ते पर भी आगे बढ़ाया।’













