संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद पर क्या बोले राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा
ब्राजील के राष्ट्रपति ने कहा कि 20 से अधिक वर्षों से ब्राजील, भारत, जापान और जर्मनी ने जी4 नामक समूह बनाया है, जहां हम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार की वकालत करते हैं। यह अब तक नहीं हुआ है, लेकिन जल्द ही जरूर होगा क्योंकि संयुक्त राष्ट्र को अधिक प्रतिनिधित्व की आवश्यकता है। आज दुनियाभर में जो संघर्ष हम देख रहे हैं, उनमें हस्तक्षेप करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के पास शक्ति और सामर्थ्य होना चाहिए। जो संस्था यह नहीं कर पाती, वह टिक नहीं पाएगी।
संघर्ष जारी रखने का किया ऐलान
उन्होंने आगे कहा कि हम संयुक्त राष्ट्र को ज्यादा प्रतिनिधि बनाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे, जिसमें दुनिया के अधिक देशों को शामिल किया जाए और ब्राजील व भारत को स्थायी सुरक्षा परिषद के सदस्य के रूप में स्थान मिले। स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों के सदस्यों की संख्या बढ़ाना वैश्विक शासन को वैधता और प्रभावशीलता प्रदान करने के लिए आवश्यक है। 18 से 22 फरवरी के चलने वाले दौरे पर ब्राजील के राष्ट्रपति ने दूसरे एआई इम्पैक्ट समिट में भी हिस्सा लिया।
पीएम मोदी की जमकर की तारीफ
लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने कहा कि मेरे प्यारे मित्र मोदी, छठी बार इस देश में लौटना मेरे लिए खुशी की बात है। भारत और ब्राजील के बीच मीटिंग बहुत बढ़िया हुई है। हम सिर्फ ग्लोबल साउथ की दो सबसे बड़ी डेमोक्रेसी नहीं हैं। हम दोनों ही बहुत अलग-अलग तरह के देश हैं और कल्चरल इंडस्ट्री के हब हैं। हम दोनों ही बहुपक्षवाद तथा शांति के समर्थक हैं। इस राजकीय यात्रा और एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन में आमंत्रण हमारे बीच तालमेल और पारस्परिक विश्वास को दर्शाता है।
भारत-ब्राजील के बीच कई समझौतों पर मुहर
शनिवार को दोनों पक्षों के बीच ट्रेड, एनर्जी, डिफेंस, एग्रीकल्चर, क्लाइमेट एक्शन, टेक्नोलॉजी, एआई, सेमीकंडक्टर, जरूरी मिनरल्स और ग्लोबल साउथ कोऑपरेशन में भारत-ब्राजील स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप को मजबूत करने पर फोकस था। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने एक समावेशी और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के अपने दृष्टिकोण को दोहराया और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई।
भारी-भरकम प्रतिनिधिमंडल संग भारत पहुंचे थे ब्राजील के राष्ट्रपति
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के साथ लगभग 14 मंत्री और ब्राजील की प्रमुख कंपनियों के शीर्ष सीईओ का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी आया है। प्रधानमंत्री मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति की मुलाकातें हाल के वर्षों में लगातार होती रही हैं। जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री मोदी ब्रासीलिया की राजकीय यात्रा पर गए थे, जो पिछले 57 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। दोनों नेता नवंबर 2025 में जी20 के दौरान जोहान्सबर्ग में भी मिले थे।













